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नीट परीक्षा रद्द होने पर विपक्ष का सरकार पर हमला

नीट परीक्षा के रद्द होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने 22 लाख छात्रों की मेहनत को कुचलने का आरोप लगाया, जबकि अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण की बात की। इस स्थिति ने छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जानें पूरी कहानी में क्या कहा गया है।
 

विपक्षी दलों का आक्रोश

नई दिल्ली। नीट परीक्षा के रद्द होने के बाद, विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत और सपनों को भ्रष्ट भाजपा की व्यवस्था ने कुचल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका अमृतकाल देश के लिए विषकाल में बदल गया है।


राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं देश के युवाओं से एक गंभीर बात कहना चाहता हूं। खुद गूगल करें और देखें कि नीट 2024 की चोरी के समय एनटीए का डीजी कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां रखा है?' उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उन लोगों को पुरस्कृत करती है जो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।


भविष्य की चोरी का आरोप

राहुल ने आगे कहा, 'मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में भागीदार हैं। जिस बाजार में आपकी मेहनत और सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।' उल्लेखनीय है कि 2024 में नीट पेपर लीक के समय सुबोध कुमार सिंह एनटीए के डीजी थे और उस समय वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रधान सचिव थे।


आम आदमी पार्टी का बयान

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में नीट का पेपर चार बार लीक हुआ है, लेकिन किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली। केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक यूं ही नहीं होता, इसमें उच्च स्तर के लोगों की मिलीभगत होती है।