×

नीट प्रश्नपत्र लीक पर प्रदर्शनकारियों का अनशन समाप्त

नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर अभिजित दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। यह अनशन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के पास नारेबाजी की, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर उन्हें तितर-बितर किया। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की कहानी और क्या हैं मुख्य मांगें।
 

प्रदर्शन का समापन


नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान, पार्टी के संस्थापक अभिजित दीपके ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। यह अनशन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में शुरू किया गया था, जिन्हें पुलिस ने शनिवार को जंतर मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।


अभिजित दीपके के साथ, उन तीन छात्रों ने भी अनशन समाप्त किया, जो 28 जून से वांगचुक के साथ अनशन पर थे।


इस बीच, वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद भवन की ओर मार्च करने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि यदि उनका स्वास्थ्य ठीक है, तो उन्हें जाने दिया जाए।


दूसरी ओर, संसद भवन के निकट पहुंचे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।


प्रदर्शनकारी छात्रों ने संसद भवन के पास पहुंचकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। कुछ छात्रों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, लेकिन कड़े पुलिस बंदोबस्त के कारण वे सफल नहीं हो सके।


पुलिस के समझाने के बावजूद, प्रदर्शनकारी छात्र वहीं डटे रहे। बाद में, पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और छात्रों से बातचीत की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंततः पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद पूरी सड़क को खाली कराया गया।


क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने उन्हें नजदीकी थाने में भेज दिया।


यह उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और श्री प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था, और शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री वांगचुक ने 28 जून को इन्हीं मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।