नीति घाटी में आयोजित 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' के विजेताओं को सम्मानित किया गया
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का आयोजन
उत्तराखंड: सीमांत चमोली जिले की खूबसूरत नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया और अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर, उन्होंने नीति घाटी में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिससे बॉर्डर टूरिज्म और होम स्टे के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा.
यह आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.
'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' में 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुरस्कार वितरण समारोह मलारी गांव में आयोजित किया गया, जहां पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल और अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार और स्मृति चिन्ह प्रदान किए.
प्रतिभागियों की संख्या और मुख्यमंत्री की घोषणाएं
इस महा आयोजन में राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी देखने को मिली। 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160 प्रतिभागी, 42 किलोमीटर मैराथन में 155 प्रतिभागी, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215 प्रतिभागी, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 प्रतिभागी और 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में हिस्सा लिया.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी घोषणाओं से नीति घाटी और पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिससे रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है.
उन्होंने यह भी बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो गई है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का संकेत है। 11,000 फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है.