नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा, राज्यसभा के लिए नामांकन भरा
बिहार की राजनीति में नया मोड़
पटना। बिहार की राजनीतिक स्थिति ने आज एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। नीतीश कुमार, जो दो दशकों से अधिक समय से राज्य की सत्ता में हैं और जिन्हें ‘सुशासन बाबू’ के नाम से जाना जाता है, ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर केंद्र की राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस मौके पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच अन्य उम्मीदवारों ने भी पर्चा भरा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस अवसर पर बिहार विधानसभा परिसर में उपस्थित रहे, जिससे इस घटनाक्रम की राजनीतिक महत्वता और बढ़ गई।
जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की कि वे राज्यसभा चुनाव में भाग लेंगे। इस घोषणा के साथ ही उनके लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल का अंत हो गया है। नीतीश कुमार अब तक रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जो राज्य की राजनीति में एक अद्वितीय अध्याय है। उन्होंने कहा कि नई सरकार और नए मुख्यमंत्री को उनका पूरा समर्थन और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद से सत्ता में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, तो यह संभावना बढ़ गई है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता को सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री होगा, क्योंकि हिंदी पट्टी के राज्यों में बिहार ही ऐसा राज्य है जहां भाजपा का कोई मुख्यमंत्री नहीं रहा।
बिहार राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार थी। राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए नीतीश कुमार का उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग निश्चित माना जा रहा है। हालांकि, इस निर्णय का विरोध भी हो रहा है। सुबह से बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर इकट्ठा हुए और उन्होंने इस निर्णय पर असंतोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए था। इस बीच, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को नई सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। मौजूदा उपमुख्यमंत्री और संभावित मुख्यमंत्री दावेदार सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनका दूरदर्शी नेतृत्व और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता प्रेरणादायक रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नीतीश कुमार का अनुभव राज्यसभा की गरिमा को और मजबूत करेगा।