नेपाल-भारत संबंधों में नई शुरुआत की ओर बढ़ता नेपाल
नेपाल-भारत संबंधों में सुधार की दिशा में कदम
नई दिल्ली: हाल ही में नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद, दोनों देशों के बीच तनाव कम होता दिख रहा है। इस सप्ताह नेपाल के दो प्रमुख नेता भारत की यात्रा पर आए हैं, जिसे प्रधानमंत्री की भूल सुधार नीति के रूप में देखा जा रहा है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत दौरा
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर भारत आए हैं। इससे पहले, नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रबी लामिछाने भी भारत का दौरा कर चुके हैं। शिशिर खनाल और जयशंकर के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें जयशंकर ने कहा कि यह दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का सही समय है।
बालेन शाह का विवादास्पद बयान
बालेन शाह ने पिछले महीने भारत-नेपाल सीमा विवाद के समाधान के लिए ब्रिटेन और चीन से मदद मांगी थी। इस पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए किसी भी तीसरे देश के हस्तक्षेप को अस्वीकार कर दिया था। भारत ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को मिलकर इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए।
नेपाल का भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता देने का संकल्प
शिशिर खनाल ने शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत की यात्रा शुरू की। रविवार को उनकी यात्रा का अंतिम दिन है। रिपोर्ट के अनुसार, जयशंकर के साथ बैठक के दौरान खनाल ने सकारात्मक रुख अपनाया और कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।