नेपाल में गृह मंत्री का इस्तीफा: नई सरकार की पारदर्शिता पर सवाल
नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल
महराजगंज :: हाल ही में नेपाल में हुए चुनावों के बाद जेन-जी आंदोलन की लहर से सत्ता में आई नई सरकार से युवाओं को काफी उम्मीदें थीं। रैपर से नेता बने बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह माना जा रहा था कि यह नई व्यवस्था देश में पारदर्शिता और तेजी से बदलाव लाएगी।
हालांकि, सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद मतभेद और विवाद उभरने लगे। इस क्रम में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब देश के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उन्होंने बुधवार को अचानक अपने त्यागपत्र की घोषणा की।
गुरुंग के इस्तीफे का कारण
सुदन गुरुंग की व्यक्तिगत संपत्ति और वित्तीय स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठने लगे थे। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और पद छोड़ने का निर्णय लिया।
अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शुचिता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
गुरुंग का बयान—
“मैं जनता की आलोचना को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। सत्ता से अधिक महत्वपूर्ण लोगों का भरोसा है।”
“जेन-जी आंदोलन पारदर्शिता के लिए था, इसलिए यह सिद्धांत हमारे लिए भी लागू होता है।”
गुरुंग ने यह भी कहा कि सरकार हमारे 46 भाइयों-बहनों के बलिदान के बाद बनी है, इसलिए नैतिकता का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्तीफे से सरकार पर उठने वाले सवाल खत्म हो जाएंगे और हितों का टकराव समाप्त होगा।
पारदर्शी जांच की मांग
सुदन गुरुंग ने अपनी वित्तीय होल्डिंग्स की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की भी मांग की।
उन्होंने युवाओं और मीडिया से अपील की कि जीवन में शुचिता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष
नेपाल की राजनीति में यह इस्तीफा एक बड़ा संकेत है कि नई सरकार नैतिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के प्रति दबाव में है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में शुरू हुए “नए नेपाल” के वादे पर यह पहला बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।