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नेपाल में जलप्रलय के बाद सुरंग से निकली इंसानी आवाज, दो कर्मचारियों का सफल रेस्क्यू

नेपाल में त्रिशूली नदी के पास आई विनाशकारी बाढ़ के नौ दिन बाद, एक सुरंग से इंसानी आवाज सुनाई दी। रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि बाढ़ के कारण 1,252 लोगों की जान जा चुकी है और 900 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की कमी के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया गया है। जानें इस अद्भुत घटना के बारे में और क्या चल रहा है रेस्क्यू में।
 

त्रिशूली नदी के पास का चमत्कार

काठमांडू: नेपाल में आई भयंकर बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली नदी के निकट एक अद्भुत घटना घटी है जिसने रेस्क्यू टीमों और पूरी दुनिया को चौंका दिया। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की गहरी सुरंग से अचानक इंसानी चीखें और मदद की गुहार सुनाई दी। इसके बाद, सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने तुरंत एक बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया और दो कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।


रेस्क्यू टीम की तत्परता

‘घबराओ मत, हम बचाने आए हैं’
रेस्क्यू दल जब मलबे से भरी सुरंग के पास काम कर रहा था, तभी पत्थरों और कीचड़ के पार से आवाजें सुनाई दीं। रेस्क्यू टीम ने तुरंत माइक के जरिए संदेश भेजा कि हिम्मत मत हारो, हम आ गए हैं। जैसे ही अंदर से जवाब मिला, जवानों ने दिन-रात एक कर दिया। घंटों की मेहनत के बाद पहले मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और फिर उनके साथी मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


ऑक्सीजन की कमी और लापता लोग

अंदर ऑक्सीजन की भारी किल्लत
बाढ़ से बंद इस सुरंग के भीतर समय के साथ ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। इस हादसे में अब तक 1,252 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12 अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में 900 से अधिक कर्मचारी अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट के प्रोजेक्ट्स में लगभग 500 मजदूर और इंजीनियर सुरंग के भीतर फंसे हो सकते हैं।


उम्मीद की नई किरण

जिंदगी की जंग जारी
नौ दिन तक बिना खाने-पीने और सीमित ऑक्सीजन के बीच दो लोगों का सुरक्षित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। सुरंग के भीतर अब भी अन्य लोगों के दबे होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते नेपाली सेना और आपदा प्रबंधन के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया है। पूरे क्षेत्र में मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है ताकि बाकी फंसे लोगों को भी समय पर सुरक्षित निकाला जा सके।