नेपाल में बाढ़ के बीच बैंक से 50 करोड़ का सोना और 1.5 करोड़ नकद बरामद
नेपाल में बाढ़ का कहर
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और सैलाब के बीच राहत और बचाव कार्यों में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नुवाकोट के त्रिशूली में स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा भोटेकोशी नदी के उफान में पूरी तरह से डूब गई थी। पहले यह माना जा रहा था कि बैंक का सारा कीमती सामान बह गया होगा, लेकिन लगभग 8 घंटे के कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, बैंक के मलबे से 50 करोड़ रुपये का सोना और 1.5 करोड़ रुपये की नकदी सुरक्षित रूप से बरामद की गई है। प्रशासन ने इस खजाने को कड़ी सुरक्षा में सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है।
बाढ़ से हुई तबाही
903 मौतें, 4200 से अधिक लापता
नेपाल के गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ के कारण अब तक 903 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। इनमें चितवन से 272, नवलपरासी पूर्व से 207, नवलपरासी पश्चिम से 151, नुवाकोट से 95 और अन्य जिलों से कई शव शामिल हैं। इसके अलावा, 4,247 लोग लापता हैं, जिनमें नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र बल के जवानों के साथ-साथ जलविद्युत परियोजनाओं के 933 कर्मचारी और 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सुरक्षाबलों का प्रयास
विशाल बचाव अभियान
आपदा से निपटने के लिए नेपाल पुलिस, सेना और सशस्त्र पुलिस बल के 20,800 से अधिक जवान ग्राउंड पर तैनात हैं। अब तक 10,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिसमें सेना ने 411 हेलिकॉप्टर उड़ानों के माध्यम से 3,500 से अधिक नागरिकों को एयरलिफ्ट किया है। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से चीनी और भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया है। वर्तमान में 267 घायलों का इलाज जारी है, जबकि अज्ञात शवों को पहचान के लिए 21 अलग-अलग अस्पतालों में सुरक्षित रखा गया है।
बचाव कार्य जारी
टनल में फंसे मजदूर
त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत कई सुरंगों में अभी भी मजदूर फंसे हुए हैं। टनल के भीतर 4 से 5 फीट तक जमा गीला मलबा और पानी रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारी दलदल के बावजूद, बचाव दल लगातार अंदर दाखिल होने और टनल में अटकी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटा है। राहत कार्यों को तेज करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त ईंधन और 6 विशेष सर्जिकल मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं।