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नेपाल में बाढ़ से तबाही: 1344 मौतें और 5053 लोग लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 1344 लोगों की जान जा चुकी है और 5053 लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, जिसमें 13,095 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बाढ़ ने हजारों घरों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है। जानें इस त्रासदी के बारे में और अधिक जानकारी और ताजा हालात।
 

नेपाल में बाढ़ की त्रासदी


नेपाल में बाढ़ की त्रासदी: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को 10 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन तबाही का मंजर अब भी भयावह बना हुआ है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, इस आपदा में 1344 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5,053 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ और उससे संबंधित घटनाओं में 5663 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जिसमें अब तक 13,095 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि कुल 32,963 लोग प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में घर और सरकारी इमारतें बाढ़ में बह गईं, और कई सड़कें तथा पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यह तबाही 26 अगस्त को आई थी, जिससे उबरने में नेपाल को कई दशक लग सकते हैं।


चितवन में सबसे अधिक मौतें

NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से सबसे ज्यादा मौतें चितवन में हुई हैं, जहां 359 लोगों की जान गई है। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 221 और नवलपरासी पश्चिम में 212 मौतें दर्ज की गई हैं। नुवाकोट में 184, रसुवा में 140, गोरखा में 73, धादिंग में 67 और तनहुं में 38 शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के लिए मृतकों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। आपदा के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं, जिनमें से 96 शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। कई शवों की स्थिति इतनी खराब है कि पहचान की प्रक्रिया कठिन हो गई है।


5,000 से अधिक लोग अब भी लापता

इस आपदा का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बड़ी संख्या में लोग अब तक लापता हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 5,053 लोग लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। कई लापता लोगों के नदी के तेज बहाव में बह जाने या मलबे में दबे होने की आशंका है। दूसरी ओर, कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में भी लोगों के फंसे होने की खबरें आई हैं। त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग से 9 दिन बाद दो कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकाला गया, जिससे बचाव दलों को मुश्किल परिस्थितियों में भी तलाशी जारी रखने की उम्मीद मिली है।


नेपाल में 7570 घर पूरी तरह तबाह

बाढ़ ने नेपाल में हजारों परिवारों को प्रभावित किया है। NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, 7570 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इसके अलावा सरकारी इमारतों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को भी नुकसान पहुंचा है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बड़ा झटका लगा है। कुल 18 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 11 पूरी तरह और 7 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। वहीं 7 स्वास्थ्य संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 4 पूरी तरह और 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं।


सड़क और पुल भी बाढ़ में बहे

बाढ़ ने नेपाल के परिवहन नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 55 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा 37 मोटरेबल पुलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 33 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। 68 झोलुंगे यानी झूला पुल भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। सड़कों और पुलों के टूटने से कई दूरदराज के इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव अभियान चलाने में टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


13,000 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

आपदा के बाद नेपाली सेना, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव दलों ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। अब तक 13,095 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर, भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद ली जा रही है। भारत, चीन और अन्य देशों से भी तकनीकी और मानवीय सहायता पहुंची है। नेपाल ने बाद में विशेषज्ञ और तकनीकी मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांगा है। इस आपदा ने नेपाल की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। संपत्ति, आवास और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का शुरुआती अनुमान करीब 387.5 अरब नेपाली रुपये यानी 2.56 अरब डॉलर लगाया गया है।