नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या एक हजार के पार, राहत कार्य प्रभावित
नेपाल में बाढ़ का संकट
नई दिल्ली। 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, नेपाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके चलते कम से कम सात जिलों में बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन जिलों में नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। यह वही क्षेत्र हैं जहां 26 अगस्त को बाढ़ ने सबसे अधिक तबाही मचाई।
मंगलवार, 1 सितंबर की शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर के टूटने के बाद नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 1003 हो गई है, जबकि तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। चितवन में सबसे अधिक 321 शव बरामद किए गए हैं, जबकि 4400 से अधिक लोग लापता हैं।
राहत और बचाव कार्यों के बीच यह जानकारी मिली है कि नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की भारी कमी है। कुछ स्थानों पर अब तक कोई सहायता नहीं पहुंची है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी एनडीआरआरएमए के अनुसार, रसुवा के उत्तरगया क्षेत्र में टेंट की कमी है। लोगों को चावल, दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री की भी आवश्यकता है। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में शवों और मृत जानवरों से फैल रही दुर्गंध को रोकने के लिए कीटाणुनाशक और रसायनों की जरूरत है।