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नेपाल में युवा नेतृत्व का उदय: भारत में बुजुर्ग नेताओं का राज

नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद, यह स्पष्ट होता है कि युवा नेतृत्व का उदय हो रहा है। इस लेख में, हम भारत में नेताओं की उम्र का विश्लेषण करते हैं, जहां अधिकांश नेता बुजुर्ग हैं। जानें कि कैसे यह प्रवृत्ति राजनीति को प्रभावित कर रही है और मतदाताओं की उम्र के साथ नेताओं की उम्र का क्या संबंध है। क्या युवा नेताओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं? इस विषय पर गहराई से जानकारी प्राप्त करें।
 

नेपाल में बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना

नेपाल में हाल ही में हुए आंदोलन के बाद, 35 वर्षीय बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभाला है। इतनी कम उम्र में प्रधानमंत्री बनना एक असामान्य घटना है, खासकर जब पिछले कई प्रधानमंत्रियों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। बालेन शाह की सरकार में सबसे बड़े मंत्री की उम्र 51 वर्ष है, जबकि भारत की केंद्रीय सरकार में मंत्रियों की औसत उम्र 60 वर्ष से अधिक है। भारत में सबसे कम उम्र के मंत्री 38 वर्ष के हैं, जबकि सबसे उम्रदराज मंत्री 81 वर्ष के हैं।


भारत में नेताओं की उम्र का विश्लेषण

यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि कई देशों में जनता युवा है, लेकिन उनके प्रतिनिधि अपेक्षाकृत अधिक उम्र के हैं। भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र 75 वर्ष है, और उनका कार्यकाल समाप्त होते-होते उनकी उम्र 78 वर्ष हो जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 67 वर्ष की हैं, और नए उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन 68 वर्ष के हैं।


नेपाल में युवा मंत्रियों की संख्या

बालेन शाह से पहले, नेपाल में सरकार चलाने वाले नेता अपेक्षाकृत बड़े थे। अब उनकी सरकार में 15 मंत्री हैं, जिनमें से 10 की उम्र 40 वर्ष से कम है। इसके विपरीत, भारत में केवल 2 मंत्री ही 40 वर्ष से कम उम्र के हैं।


भारत में मतदाताओं की उम्र

भारत में 65 प्रतिशत जनसंख्या की उम्र 35 वर्ष से कम है, लेकिन इस आयु वर्ग के प्रतिनिधियों की संख्या बहुत कम है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले, केंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया कि देश में कुल 96.8 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 21.59 करोड़ की उम्र 29 वर्ष से कम है।


सांसदों की औसत उम्र

2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बीच सांसदों की औसत उम्र में थोड़ी कमी आई है। 2024 के चुनावों के बाद, सांसदों की औसत उम्र 56 वर्ष रह गई है।


मुख्यमंत्रियों की उम्र का विश्लेषण

भारत के 31 मुख्यमंत्रियों में से 7 की उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक है। केवल 2 मुख्यमंत्री 50 वर्ष से कम उम्र के हैं।


उप-मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र

देश के 16 राज्यों में उप-मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र 60 वर्ष है। यह दर्शाता है कि नेतृत्व की दूसरी पंक्ति में भी युवा नेताओं को कम प्राथमिकता दी जाती है।


राज्यों के मंत्रियों की औसत उम्र

भारत के 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 589 मंत्री हैं, जिनकी औसत उम्र लगभग 58 वर्ष है।


चुनावी राज्यों में नेताओं की उम्र

चुनावी राज्यों में भी सबसे उम्रदराज नेता ही हैं। उदाहरण के लिए, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 82 वर्ष के हैं।