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नेशनल पिस्टल कोच पर 17 वर्षीय महिला निशानेबाज के यौन शोषण का आरोप

खेल जगत में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें नेशनल पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 वर्षीय महिला निशानेबाज के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और NRAI ने कोच को सस्पेंड कर दिया है। यह घटना नई दिल्ली में हुई थी, जहां कोच ने पीड़िता को एक होटल में बुलाया। जांच जारी है, और पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
 

कोच पर गंभीर आरोप और कार्रवाई

नई दिल्ली: खेल जगत में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें नेशनल पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 वर्षीय महिला निशानेबाज के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी 2025 को पीड़िता के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। FIR में बताया गया है कि यह घटना नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के दौरान हुई। शिकायत में कहा गया है कि कोच ने खेल से संबंधित बातचीत के बहाने नाबालिग महिला शूटर को फरीदाबाद के एक होटल में बुलाया।


शुरुआत में होटल की लॉबी में मिलने की बात कही गई, लेकिन बाद में दबाव डालकर उसे अपने कमरे में बुलाया गया, जहां कथित तौर पर उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद कोच ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया, तो उसका खेल करियर बर्बाद कर दिया जाएगा और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। सदमे में आई एथलीट होटल से चली गई और बाद में अपने परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।


नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड रखा जाएगा और उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। फरीदाबाद के NIT महिला पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (POCSO) एक्ट की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


फरीदाबाद पुलिस के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर यशपाल यादव ने बताया कि होटल प्रशासन से घटना के दिन के सभी CCTV फुटेज तुरंत उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।