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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से शुरू होगा, यात्रियों के लिए नई सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से कमर्शियल उड़ानों के संचालन के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद, यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र बनेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास में सहायक होगा। जानें इस एयरपोर्ट की विशेषताएं और पहली उड़ानों के बारे में।
 

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन

गौतम बुद्ध नगर के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से अपनी सेवाएं शुरू करने जा रहा है। शुक्रवार को एयरपोर्ट प्रबंधन ने घोषणा की कि इस दिन से कमर्शियल उड़ानों का संचालन प्रारंभ होगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत के यात्रियों, एयरलाइंस और कार्गो ऑपरेटरों के लिए एक नया विकल्प प्रदान करेगा। इसके खुलने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यातायात का दबाव कम होगा।


प्रधानमंत्री का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इस एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है, जिसकी निर्माण लागत लगभग 11,200 करोड़ रुपये है। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा एयरपोर्ट के चालू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, यह क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।


कमर्शियल सेवाओं के लिए तैयार

नोएडा एयरपोर्ट ने एक आधिकारिक पत्र में बताया कि फ्लाइट संचालन के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। यह मंजूरी इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट का सुरक्षा ढांचा और संचालन प्रक्रियाएं सभी आवश्यक मानकों के अनुसार पूरी तरह से तैयार हैं।


फ्लाइट शेड्यूल की जानकारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइन पहली उड़ान शुरू करेगी। इसके बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। एयरपोर्ट ने बताया कि फ्लाइट शेड्यूल और अन्य यात्री सेवाओं की जानकारी समय पर साझा की जाएगी।


यात्रा का अनुभव

इस एयरपोर्ट को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यह यात्रियों को आरामदायक और सरल यात्रा का अनुभव प्रदान करे। साथ ही, एयरलाइंस को भी विश्वसनीय और कम लागत वाले संचालन में सहायता मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक टर्मिनल सुविधाओं, कुशल संचालन और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।