नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: उत्तर प्रदेश की नई उड़ान
नोएडा एयरपोर्ट का ऐतिहासिक उद्घाटन
उत्तर प्रदेश आज एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन करेंगे। यह एयरपोर्ट न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में स्थित यह अत्याधुनिक एयरपोर्ट "सपनों की उड़ान" को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने 25 नवंबर 2021 को किया था, और अब लगभग साढ़े चार साल में इसका पहला चरण तैयार हो चुका है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्मित इस एयरपोर्ट पर लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत आई है।
शुरुआत में इसकी क्षमता 12 मिलियन (1.2 करोड़) यात्रियों की होगी, जिसे भविष्य में 70 मिलियन तक बढ़ाने की योजना है। यह एयरपोर्ट प्रदेश के विकास को नई गति देने के साथ-साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा। एयरपोर्ट में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए डिजीयात्रा, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और पूरी तरह डिजिटल प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, 10 एयरोब्रिज के माध्यम से यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
तकनीकी दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक है। यहां आईएलएस सीएटी-3 सिस्टम लगाया गया है, जिससे घने कोहरे या खराब मौसम में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी। एयरपोर्ट की क्षमता इतनी है कि यहां प्रति घंटे 30 विमानों का संचालन किया जा सकता है। प्रारंभिक चरण में, इंडिगो 45 शहरों, अकसा एयर 7 शहरों और एयर इंडिया 13 गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू करेगी। उद्घाटन के लगभग 45 दिनों बाद यहां से पहली कमर्शियल फ्लाइट शुरू होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, 2.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला मल्टीमॉडल कार्गो हब भी विकसित किया गया है, जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। एयरपोर्ट को सड़क, रेल, मेट्रो और मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ, उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन जाएगा। इससे पहले चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहले से संचालित हैं। जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और भविष्य में यह देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।