नोएडा एयरपोर्ट के बाद रियल एस्टेट में उछाल, 18 हजार फ्लैट्स का निर्माण
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रभाव
नोएडा: उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बदलाव के चलते नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आस-पास प्रॉपर्टी मार्केट में जबरदस्त वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। वर्तमान में, एक्सप्रेसवे के किनारे कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की संभावना है। दोनों एक्सप्रेसवे के निकट लगभग 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। अगले दो से तीन वर्षों में 18,000 फ्लैट्स के तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे यहां निवासियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इसके साथ ही, नई परियोजनाओं के लॉन्च होने की भी चर्चा है, और प्राधिकरण नई भूमि चिन्हित कर रहा है ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की जा सके।
जेवर एयरपोर्ट के खुलने के बाद बिल्डरों की नजर एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों पर है, क्योंकि यहां की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। मेट्रो और सड़कों का जाल इस क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर से जोड़ रहा है। वर्तमान में, नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो सेवा चालू है और इसे आगे बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा, गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना भी बनाई जा रही है।
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग इस क्षेत्र में घर खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। भविष्य में यहां बड़ी कंपनियों और ऑफिसों के खुलने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रियल एस्टेट को और गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ वर्षों में यह क्षेत्र गुरुग्राम की तरह एक बड़ा हब बन सकता है, जहां लोग रहना और निवेश करना पसंद करेंगे।