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नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक बदलाव, नए दायित्व सौंपे गए

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। इस बदलाव में एक अपर पुलिस उपायुक्त और पांच सहायक पुलिस उपायुक्तों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जानें इस बदलाव के बारे में और अधिक जानकारी।
 

नोएडा में पुलिस प्रशासन में बदलाव

नोएडा: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एक अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) और पांच सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है।


जारी आदेश के अनुसार, पीपीएस अधिकारी राजेंद्र कुमार गौतम, जो वर्तमान में प्रभारी पुलिस उपायुक्त लाइन्स और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, आंकिक एवं मॉनिटरिंग सेल का कार्यभार संभाल रहे हैं, को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ सहायक पुलिस आयुक्त (आंकिक) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।


प्रशासनिक फेरबदल के तहत, राजीव कुमार सिसौदिया को स्टाफ ऑफिसर (पुलिस आयुक्त) के पद से हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त चतुर्थ, ग्रेटर नोएडा बनाया गया है। डॉ. रवि शंकर को एसीपी यातायात नोएडा/सेंट्रल नोएडा के पद से हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय, ग्रेटर नोएडा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, मयंक तिवारी को सहायक पुलिस आयुक्त द्वितीय, नोएडा नियुक्त किया गया है।


यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। पवन कुमार, जो अब तक एसीपी यातायात ग्रेटर नोएडा के साथ मुख्यालय एवं आंकिक का कार्य देख रहे थे, को सहायक पुलिस आयुक्त यातायात नोएडा/सेंट्रल नोएडा का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, शकील मोहम्मद, जो पुलिस लाइन्स में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं, अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ एसीपी यातायात ग्रेटर नोएडा का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे।


गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट का मानना है कि अधिकारियों के इस नए दायित्व निर्धारण से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को पुलिसिंग की कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।