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नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय, फ्लैट खरीदारों के लिए राहत

नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें फ्लैट खरीदारों के लिए राहत के उपाय शामिल हैं। बैठक में किसानों के मुद्दों और शहर के विकास पर भी चर्चा की गई। विशेष समिति का गठन किया गया है, जो फ्लैटों की री-सेल और सब-लीज डीड में आ रही समस्याओं का समाधान करेगी। जानें इस बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में।
 

नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक

नोएडा: शनिवार को नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक का आयोजन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) और प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुआ। इस बैठक में शहर के विकास, किसानों के मुद्दों और फ्लैट खरीदारों की समस्याओं पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम., यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने भाग लिया।


बोर्ड ने फ्लैटों की री-सेल और सब-लीज डीड में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष समिति के गठन को मंजूरी दी। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:


1. आवासीय समितियों के लिए आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखण्डों पर निर्मित फ्लैट्स में वर्तमान में काबिज संबंधित समिति से एन.ओ.सी. प्राप्त करने में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु 8 सदस्यीय समिति का गठन किया गया।


2. प्राधिकरण क्षेत्र में विभिन्न ड्रेनों के सुधार के लिए आवश्यक शोधन प्रणाली को प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय समाचार पत्रों में ई-निविदा के माध्यम से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किया जाएगा।


3. नोएडा प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित आवासीय भूखण्ड योजना 2011-1 के तहत 644 भूखण्डों के आवंटन के संबंध में एक समिति का गठन किया गया।


4. सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के लिए सलाहकार संस्था का चयन करने हेतु प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।


5. स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के अंतर्गत सशर्त अघिभोग प्रमाण पत्र जारी किया गया।


6. स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए गए।


7. Unified Regulations 2025 में आंशिक संशोधन के लिए अनुमोदन प्रदान किया गया।


8. पुरानी रूकी हुई भू-सम्पदा परियोजनाओं के निदान के लिए शासनादेश के अंतर्गत 36 परियोजनाओं ने लाभ उठाया है।


इस प्रकार, इन परियोजनाओं में रुकी हुई लगभग 6855 फ्लैट बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। वर्तमान में 4134 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री की जा चुकी है। बोर्ड ने शीघ्रता से फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं।