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नोएडा में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष पुलिस उपायुक्त का गठन

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष पुलिस उपायुक्त (इंडस्ट्रियल) का पद स्थापित किया है। इस नई व्यवस्था के तहत एक मजबूत टीम का गठन किया गया है, जो औद्योगिक इकाइयों में उत्पन्न समस्याओं पर नजर रखेगी। पुलिस उपायुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि यह पहल औद्योगिक हब में निवेश के माहौल को बेहतर बनाने और श्रमिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
 

औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस उपायुक्त का नया पद

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर एक विशेष पुलिस उपायुक्त (इंडस्ट्रियल) का पद स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह कदम कमिश्नरेट के तीनों जोनों में फैली औद्योगिक इकाइयों के बेहतर प्रबंधन, श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इससे श्रमिकों को अपने कार्यस्थल पर किसी भी समस्या का सामना करने पर सीधे इस नए पद पर नियुक्त अधिकारी से सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोनों में लगभग 15,000 रजिस्टर्ड औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं। इन इकाइयों से जुड़े दो लाख से अधिक कंपनियों में लगभग चार लाख श्रमिक कार्यरत हैं। हाल के समय में श्रमिक असंतोष और औद्योगिक क्षेत्रों में हुई घटनाओं के कारण यह क्षेत्र पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण जोन बन गया है। इंडस्ट्रियल सेल के मुख्य उद्देश्य के तहत पुलिस उपायुक्त, इंडस्ट्रियल का पद तात्कालिक आधार पर बनाया गया है।


इस नई व्यवस्था के तहत डीसीपी इंडस्ट्रियल के अधीन एक मजबूत टीम का गठन किया गया है, जिसमें एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) इंडस्ट्रीज, तीन निरीक्षक और विभिन्न रैंकों के कुल 25 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं पर नजर रखेगी। इस प्रस्ताव को अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्त मुख्यालय द्वारा विस्तृत रूप से तैयार किया गया है, और इसे स्थायी रूप देने के लिए तीन दिनों के भीतर पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग को भेजा जाएगा।


इसके अतिरिक्त, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था द्वारा एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार किया जाएगा, ताकि कार्य प्रणाली स्पष्ट और व्यवस्थित रह सके। यह इंडस्ट्रियल पुलिस सेल तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर चुका है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। इससे उद्योगों का विश्वास मजबूत होगा और श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।


पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक हब में निवेश का माहौल और बेहतर होगा। इसके साथ ही, उद्योगों और प्रशासन के बीच संवाद की खाई भी कम होगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। पुलिस इंडस्ट्रियल सेल के गठन और नए पद के सृजन संबंधी जानकारी पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह द्वारा व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा की गई।


पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में न्यूनतम मजदूरी में 21 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने कंपनियों से अपील की कि वे इस फैसले को सही तरीके से लागू करें और श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें। श्रमिकों की सुरक्षा और संतोष से ही उद्योगों का विकास संभव है। बैठक में आवागमन व्यवस्था, कार्यस्थल की सुरक्षा, श्रमिकों की सुविधाएं और आपसी संवाद को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई थी.