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न्यूजीलैंड में सिख नगर कीर्तन का विरोध: स्थानीय संस्कृति की रक्षा की मांग

न्यूजीलैंड में सिख समुदाय द्वारा आयोजित नगर कीर्तन के खिलाफ एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन हुआ है। ब्रायन टमाकी के समर्थकों ने हाका नृत्य के माध्यम से अपनी असहमति जताई। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय संस्कृति की रक्षा की मांग की और सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय पहचान की रक्षा करने में असफल रही है। जानें इस विरोध के पीछे की कहानी और प्रदर्शनकारियों की भविष्य की योजनाएं।
 

हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करेंगे


न्यूजीलैंड में सिख समुदाय द्वारा आयोजित नगर कीर्तन के खिलाफ एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन हुआ है। डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हाका नृत्य किया। उन्होंने नारे लगाते हुए कहा कि ये गलियां हमारी हैं।


उन्होंने सवाल उठाया कि किसने अनुमति दी कि तलवारें और झंडे खुलेआम लहराए जाएं। उनका कहना है कि वे अपने सांस्कृतिक मूल्यों को इस तरह से नष्ट नहीं होने देंगे।


हाका नृत्य के माध्यम से विरोध

ब्रायन टमाकी के समूह ने रविवार को टौरंगा शहर में सिख नगर कीर्तन के खिलाफ प्रदर्शन किया। जब नगर कीर्तन सड़कों पर था, तब टमाकी ने पार्क में हाका प्रदर्शन किया। ट्रू पैट्रियोट्स नामक समूह ने इस दौरान अपनी असहमति व्यक्त की।


उन्होंने पारंपरिक हाका नृत्य के माध्यम से विरोध दर्ज कराया, जो कि हिंसा या तोड़फोड़ के बजाय एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति थी।


पिछले विरोध की याद

लगभग 20 दिन पहले, साउथ ऑकलैंड के मनुरेवा उपनगर में भी ब्रायन टमाकी के समर्थकों ने हाका प्रदर्शन किया था। उस समय नगर कीर्तन को रोकने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। सिख समुदाय ने भी इस दौरान धार्मिक नारे लगाए थे।


स्थानीय संस्कृति की रक्षा की मांग

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा, 'हूज स्ट्रीट्स, आवर स्ट्रीट्स', यह दर्शाते हुए कि वे न्यूजीलैंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए खड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर कीर्तन में हथियारों का प्रदर्शन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है।


उनका आरोप है कि इस तरह के प्रदर्शन के पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है।


सरकार पर आरोप

ट्रू पैट्रियोट्स समूह ने न्यूजीलैंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय पहचान की रक्षा करने में असफल रही है। उन्होंने एक घोषणापत्र जारी किया जिसमें झंडे, परिवार, विश्वास और भविष्य की रक्षा करने की मांग की गई।


बाहरी लोगों को निकालने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बाहरी लोगों को नहीं निकाला और ईसाइयों को फिर से बसाने का प्रयास नहीं किया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने 31 जनवरी को ऑकलैंड हार्बर ब्रिज पर एक बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।