पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने नशे के कारोबार पर केंद्र सरकार से सवाल उठाए
नशे के कारोबार पर केंद्र की जिम्मेदारी
गृह मंत्री से पूछा—नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र ने क्या ठोस कदम उठाए?
चंडीगढ़: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने देश में नशे के बढ़ते कारोबार और मेडिकल नशे की अवैध बिक्री पर केंद्र की भाजपा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि भाजपा सरकार को 13 साल हो चुके हैं, फिर भी नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पाया?
दशहरा समारोह में भाग लेने के दौरान परगट सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब सहित अन्य राज्यों में नशे का बढ़ता कारोबार गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और गृह मंत्री इस समस्या की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। यदि केंद्र को नशे की समस्या और इसके नेटवर्क की जानकारी थी, तो इसे रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?
परगट सिंह ने कहा कि केवल नशामुक्त भारत का नारा और बड़ी घोषणाएं समस्या का समाधान नहीं करेंगी। इसके लिए एक प्रभावी रणनीति, सख्त कार्रवाई और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशे का मुद्दा केवल पंजाब की कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। नशीले पदार्थों की तस्करी, सीमापार से सप्लाई और बड़े तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने में केंद्रीय एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और बड़े तस्करों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं और उनके परिणाम क्या हैं।
युवाओं का भविष्य बचाने के लिए जवाबदेही जरूरी
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। नशे की समस्या से प्रभावित परिवार अपने बच्चों को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में समाज को नारों के बजाय ठोस कार्रवाई और प्रभावी नतीजों की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि नशे के कारोबार के खिलाफ उठाए गए कदमों और उनके परिणामों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और इस अवैध कारोबार में शामिल बड़े तस्करों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परगट सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देश की जनता, विशेषकर पंजाब के लोगों को यह बताना चाहिए कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद नशे की समस्या पर निर्णायक नियंत्रण क्यों नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि जवाबदेही, प्रभावी कार्रवाई और नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने से सुरक्षित होगा।