पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच: प्रशासन ने शंभू बॉर्डर को किया सील
किसानों का आंदोलन और प्रशासन की तैयारी
पंजाब के किसानों ने 'देश बचाओ मोर्चा' के तहत आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके चलते वे शंभू और खनौरी बॉर्डर पर एकत्रित हो रहे हैं। इस बीच, कॉकरोज जनता पार्टी ने संसद मार्च करने की योजना बनाई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है और धारा 163 लागू कर दी है।
किसानों की चिंताएं
किसान घाट पर चार घंटे तक रैली करने के बाद, किसानों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार सौदों में उनकी राय नहीं ली गई है। इससे उन्हें चिंता है कि अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर आ सकते हैं, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा।
प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली कूच की आशंका के चलते हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। कंक्रीट के स्लैब और बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर भी भारी वाहनों को रोक दिया गया है। ट्रैफिक अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
धारा 163 का लागू होना
हरियाणा के अंबाला जिला प्रशासन ने शंभू बॉर्डर पर धारा 163 लागू कर दी है, जो 27 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के तहत, पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसान संगठनों की प्रतिक्रिया
किसान संगठनों का कहना है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए उन्होंने दिल्ली कूच का आह्वान किया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, और इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।