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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर दिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर बच्चों को अनपढ़ रखा। उन्होंने सरदूलगढ़ में एक नई आई.टी.आई. का उद्घाटन किया, जो हर साल 240 छात्रों को हुनरमंद बनाएगी। मान ने भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ईमानदारी से राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने का वादा किया और बताया कि पंजाब सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं। जानें उनके अन्य विचार और योजनाएं।
 

मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्व की अकाली और कांग्रेस सरकारों ने जानबूझकर राज्य के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवारों ने अपनी संपत्ति बढ़ाई। उन्होंने यह टिप्पणी सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई. के नींव पत्थर रखने के अवसर पर की, जहां हर साल 240 छात्रों को हुनरमंद बनाया जाएगा।


मान ने आरोप लगाया कि भाजपा अन्य पार्टियों के नेताओं की मदद से चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन पंजाब ने एक अलग रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ईमानदारी से राज्य के खजाने का उपयोग कर रही है और विकास के लिए नए इंजन पर चल रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा, "अकाली दल एक डायनासोर की तरह है, जिसने राज्य की संपत्ति को लूट लिया।" उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने के लिए प्रयासरत है, जबकि अकाली दल उन्हें पीछे खींचने की कोशिश कर रहा है।


उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, तब अकाली दल ने मोदी सरकार के काले कृषि कानूनों का समर्थन किया। मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी चुनावी रणनीति पंजाब में सफल नहीं होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को यह स्वीकार करने में कठिनाई हो रही है कि एक आम आदमी का बेटा राज्य का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं और किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, 'मेरी रसोई योजना' के तहत 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किटें दी जाएंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना किसी सिफारिश के दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य लोगों की भलाई के लिए खजाने का सही उपयोग करना है।