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पंजाब के स्कूल ऑफ एमीनेंस: शिक्षा में क्रांति का नया अध्याय

पंजाब सरकार ने 118 स्कूल ऑफ एमीनेंस की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज़ किया है। ये स्कूल न केवल बेहतरीन सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। प्राइवेट स्कूलों को चुनौती देते हुए, इन स्कूलों में छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जानें कैसे ये स्कूल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद कर रहे हैं और पंजाब को एक नई दिशा दे रहे हैं।
 

स्कूल ऑफ एमीनेंस: शिक्षा का नया मापदंड

विद्यार्थियों की पहली पसंद बने स्कूल ऑफ एमीनेंस


चंडीगढ़: पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज़ हुआ है, जिसमें 118 स्कूल ऑफ एमीनेंस खोले गए हैं। ये स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं, जिनमें बेहतरीन खेल मैदान और शैक्षणिक संसाधन शामिल हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य न केवल बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा देना है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करना है। पंजाब सरकार ने इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खासकर सरकारी स्कूलों में इस बदलाव ने शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया है।


स्कूल ऑफ एमीनेंस ने प्राइवेट स्कूलों को भी चुनौती दी है। यहां पढ़ने वाले छात्रों की ड्रेस को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), बंगलुरु द्वारा डिजाइन किया गया है, और इसे मुफ्त में छात्रों को प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में, 82,000 बच्चों से शुरू होकर, अब इन स्कूलों में 2 लाख से अधिक बच्चे नामांकित हो चुके हैं। बच्चे अब प्राइवेट स्कूल छोड़कर इन स्कूलों में दाखिला लेने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।


स्कूल ऑफ एमीनेंस एक ऐसा मॉडल है, जिसे न केवल पंजाब में, बल्कि पूरे देश में लागू किया जा सकता है। इन स्कूलों की अवधारणाएं पारंपरिक शिक्षण विधियों से परे हैं और इन्हें आधुनिक शिक्षा, बुनियादी ढांचे और छात्र विकास के समग्र दृष्टिकोण पर आधारित किया गया है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर अग्रसर है, जहां कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं होगा।


पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके तहत सरकारी स्कूलों की चारदीवारी का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा, पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां सुरक्षा तैनात की गई है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, इंटरेक्टिव टचस्क्रीन और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। छात्रों को मेडिकल और नॉन-मेडिकल दोनों क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए ये स्कूल स्थापित किए गए हैं।


सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान करना है। पंजाब सरकार ने 118 उत्कृष्ट विद्यालयों और 17 बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए परिवहन सुविधाएं शुरू की हैं, जिससे छात्रों को काफी लाभ हुआ है। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अपने वादे को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों से सुझाव इकट्ठा करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। (ADVERTORIAL)