पंजाब पुलिस की नई भर्ती और सुरक्षा उपायों पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान
पंजाब में सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम
जालंधर - पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को पाकिस्तान से आने वाले समाज विरोधी तत्वों और ड्रोन घुसपैठ के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए तत्पर है और यह केवल पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की पुलिस है, जो अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है।
पुलिस भर्ती और आधुनिकीकरण की पहल
मुख्यमंत्री ने जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में 2,577 नए पुलिस जवानों को औपचारिक रूप से पंजाब पुलिस में शामिल किया। यह कदम युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने और पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 से अब तक 12,010 से अधिक पुलिस जवानों की नियुक्ति की गई है।
नशे के खिलाफ अभियान और तकनीकी अपग्रेडेशन
मुख्यमंत्री ने 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के तहत 50,238 गिरफ्तारियों और सड़क सुरक्षा फोर्स द्वारा 46,399 जिंदगियों को बचाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में पुलिस भर्ती, तकनीकी अपग्रेडेशन और अपराध के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है, जो उनकी सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
पुलिस प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए 1,100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी है और 2026 में 3,400 पुलिस जवानों की भर्ती की जाएगी।
पंजाब पुलिस की भूमिका और चुनौतियाँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब को पड़ोसी देशों से खतरों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पंजाब पुलिस इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समारोह की झलकियाँ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त जवानों को बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक यादगार पल है और उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी मेहनत और वचनबद्धता के साथ निभानी चाहिए।