पंजाब पुलिस ने इथियोपिया से डिपोर्ट किया गैंगस्टर, संगठित अपराध पर कसा शिकंजा
पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई
चंडीगढ़। पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने डोनी बल-प्रभ दासूवाल गिरोह के एक प्रमुख सदस्य, गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी, को इथियोपिया से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगभग 10 महीने तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए गए। पुलिस के अनुसार, वह विदेश में रहकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसकी वापसी को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AGTF और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त रणनीति
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए AGTF ने काउंटर इंटेलिजेंस की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (OFTEC) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए ऑपरेशन शहीद शुरू किया, जिसके तहत विभिन्न देशों में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।
जांच एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी माध्यमों से उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। उसकी तलाश का दायरा एशिया से लेकर दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका तक फैला हुआ था। अंततः इथियोपिया में उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया सफल रही।
गुरविंदर सिंह पर 30 आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गुरविंदर उर्फ अफरीदी के खिलाफ लगभग 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से वांछित था। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। विदेश में छिपे इस आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
In a major breakthrough, Anti-Gangster Task Force (#AGTF) Punjab, in coordination with the Overseas Fugitive Tracking and Extradition Cell (#OFTEC) of Counter Intelligence, Punjab with the support of Central Agencies, secures the deportation of Gurwinder alias Afridi, a key… pic.twitter.com/56e6SmmZiX
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) November 8, 2026
गैंगस्टर के खिलाफ गंभीर आरोप
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी विदेश में रहकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उस पर टारगेट किलिंग, फिरौती वसूलने के लिए फायरिंग करवाने और संगठित अपराध के नेटवर्क को संचालित करने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पंजाब में उसके स्थानीय सहयोगी कौन हैं और विदेश में अन्य गैंगस्टरों के साथ उसके संपर्क किस स्तर तक फैले हुए हैं।
विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग
इस अभियान में विदेश मंत्रालय और केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। विभिन्न एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने, आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने और उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया में समन्वय के साथ काम किया। पंजाब पुलिस ने इस कार्रवाई में सहयोग देने के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है।
अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को समाप्त करने के लिए विदेश में छिपे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस की रणनीति केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके स्थानीय सहयोगियों, आर्थिक नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले पूरे तंत्र को तोड़ना भी शामिल है। अफरीदी की वापसी के बाद उससे पूछताछ के जरिए गैंग के अन्य सदस्यों और पंजाब में हुई आपराधिक घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।