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पंजाब बंद: सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ वाल्मीकि संगठनों का प्रदर्शन

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि संगठनों ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। जालंधर में कई स्कूलों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी घोषित की है और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। समाज ने सरकार से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की गई है, ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
 

बरनाला में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध

जालंधर/बरनाला - बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न वाल्मीकि संगठनों ने सोमवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस बंद के चलते जालंधर समेत कई शहरों में सुरक्षा के उपाय किए गए हैं। जालंधर के कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी घोषित कर दी है और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं.


स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की

जालंधर के एमजीएन पब्लिक स्कूल, सेठ हुक्मचंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति पब्लिक स्कूल जैसे कई शिक्षण संस्थानों ने अभिभावकों को सूचित किया कि स्कूल बंद रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की गई है.


वाल्मीकि समाज का समर्थन जुटाने का प्रयास

वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता से बंद का समर्थन करने की अपील की है। बंद के दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी प्रमुख व्यापारी संगठन ने आधिकारिक रूप से बंद के समर्थन की घोषणा नहीं की थी.


पुलिस लाठीचार्ज के बाद की स्थिति

22 जुलाई को बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज के बाद विवाद उत्पन्न हुआ था। इस घटना के बाद पंजाब सरकार ने संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को निलंबित कर दिया, लेकिन वाल्मीकि संगठनों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है.


सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें

समाज की ओर से सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए और दूसरी, निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित सफाई कर्मचारियों को शीघ्र न्याय मिल सके.


शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

इस बीच, बंद के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन और रैलियों की तैयारी की गई है। आयोजकों ने सभी समर्थकों से अपील की है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग किया जा सके और आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.