×

पंजाब में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन

पंजाब सरकार ने अवैध खनन पर नियंत्रण और बाढ़ से बचाव के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन करने और बाढ़ रोकथाम कार्यों को 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, नहरी सिंचाई के दायरे को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में और कैसे यह पंजाब की जल प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाएगी।
 

सरकार की तैयारी: बाढ़ रोकथाम कार्यों का तेजी से निष्पादन

पंजाब सरकार ने अवैध खनन पर नियंत्रण और बाढ़ से बचाव के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष मानसून के दौरान, कई नदियों ने अपने किनारे तोड़ दिए थे, जिससे राज्य में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी। जांच में यह सामने आया कि अवैध खनन इस समस्या का एक प्रमुख कारण था, जिसने नदियों के किनारों को कमजोर कर दिया।


इस संदर्भ में, जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने तीन विभागों की उच्च स्तरीय बैठक में सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और बाढ़ रोकथाम कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं।


अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई

कैबिनेट मंत्री ने खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड बनाने का आदेश दिया। उन्होंने व्यावसायिक खनन स्थलों को सक्रिय करने पर भी जोर दिया, ताकि रेत और बजरी की आपूर्ति में सुधार हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने निगरानी के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।


30 जून तक कार्यों का पूरा होना आवश्यक

गोयल ने निर्देश दिया कि सभी बाढ़ रोकथाम कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएं, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने नहरी सिंचाई के दायरे को 78 प्रतिशत से बढ़ाने के लिए भी कहा, जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो सके।


सिंचाई पाइपलाइन का विस्तार

भूमि एवं जल संरक्षण विभाग की बैठक में बताया गया कि 5253 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे 1,61,000 एकड़ कृषि भूमि को लाभ मिला है। मंत्री ने बताया कि कई प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई ढांचे का निर्माण और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए चेक डैम का निर्माण शामिल है।