पंजाब में आतंकवाद की पुनरुत्थान की कोशिशों पर रंधावा की चिंता
पंजाब में सुरक्षा चूक पर चिंता
पंजाब में हुए सभी ब्लास्ट की जांच एनआईए को करनी चाहिए, ताकि इनके बीच के लिंक का पता लगाया जा सके
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हाल ही में हुए दूसरे बड़े विस्फोट की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजपुरा-शंभू रेल ट्रैक देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, और यदि यह विस्फोट सफल होता, तो जनहानि की संभावना बहुत अधिक थी। यह घटना सुरक्षा में गंभीर चूक को दर्शाती है और इसके परिणाम भयानक हो सकते थे।
सरकार की जवाबदेही पर सवाल
रंधावा ने आरोप लगाया कि सरकार पहले मामले में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाई है, जिससे जांच और रोकथाम के उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवादी ताकतें फिर से सिर उठा रही हैं और राज्य को आतंकवाद की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब का काला इतिहास
पंजाब पहले भी आतंकवाद के काले दौर से गुजर चुका है। रंधावा ने कहा कि इस तरह के विस्फोटों के बाद भी सरकार की गंभीरता संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि तीन महीने के भीतर हुई इस दूसरी घटना के अलावा, गुरदासपुर और मोड ब्लास्ट की जांच भी एनआईए को शुरू करनी चाहिए।
केंद्र सरकार की भूमिका
रंधावा ने कहा कि गैंगस्टरों की गतिविधियाँ केवल पंजाब के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को भी इस मामले में जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि पंजाब का 50 किलोमीटर सीमा क्षेत्र बीएसएफ के नियंत्रण में है।
सीमा सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सीमा पर रडार सिस्टम तैनात करना चाहिए और नाकाबंदी को मजबूत करना चाहिए। रंधावा ने पंजाब सरकार से अपील की कि वह इन विस्फोटों के अलावा मोड ब्लास्ट का भी जवाब दे। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि भाजपा के सांसदों को पैरामिलिटरी सुरक्षा देने के बजाय, उन्हें सीमा पर तैनात किया जाए ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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