पंजाब में आम आदमी पार्टी का विवाद: बाहरी नेताओं का मुद्दा गरमाया
पंजाब में राजनीतिक विवाद की नई परतें
पंजाब में आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया से जुड़े विवाद को एक नए रंग में पेश करने की कोशिश की है, इसे अपनी पार्टी की महिला नेता गायत्री बिश्नोई के सम्मान से जोड़ा गया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि पंजाब में बाहरी और आंतरिक विवादों की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सिसोदिया और बिश्नोई के मुद्दों को छोड़कर, कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने यह सवाल उठाया है कि आम आदमी पार्टी के नेता, जो दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से हैं, पंजाब में सरकारी बंगलों में क्यों रह रहे हैं। इस मुद्दे को अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भी उठाया है।
गायत्री बिश्नोई ने यह स्वीकार किया कि वे पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के बंगले में अपने माता-पिता के साथ रह रही थीं। भले ही यह इलाज के लिए हो, लेकिन किसी अन्य राज्य के नेता का मंत्री के बंगले में रहना विवाद का कारण बन गया है। सुखपाल खैरा, जो पहले आम आदमी पार्टी में थे और 2017 में नेता विपक्ष रह चुके हैं, ने यह भी बताया कि उस समय अरविंद केजरीवाल ने उनके बंगले पर कब्जा करने की कोशिश की थी।
आम आदमी पार्टी के नेता इस बात का स्पष्ट उत्तर नहीं दे पा रहे हैं कि पंजाब की राजनीति में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जरनैल सिंह जैसे नेताओं को इतना महत्व क्यों दिया जा रहा है। खैरा ने बंगलों के नंबरों का हवाला देते हुए कहा है कि दीपक चौहान, कमला बंसल, अनुराग कुंडू, जरनैल सिंह, सत्येंद्र जैन और आदिल अहमद खान जैसे नेता इन बंगलों में निवास कर रहे हैं। गायत्री बिश्नोई के विवाद के बाद यह कहा जा रहा है कि अब बंगलों को खाली किया जा रहा है, लेकिन यह विवाद चुनाव तक जारी रहेगा।