पंजाब में किसान ने कर्ज के तनाव में आत्महत्या की
कर्ज के बोझ तले किसान ने दी जान
कर्ज और मानसिक तनाव के चलते किसान ने आत्महत्या की
पंजाब के फिरोजपुर जिले में एक किसान ने बैंक के कर्ज और जमीन कुर्की की धमकी से परेशान होकर सल्फास का सेवन कर आत्महत्या कर ली। यह घटना ममदोट क्षेत्र के हरगोबिंदपुरा गांव में हुई। मृतक की पहचान बगीचा सिंह के रूप में हुई है। उनके परिवार ने बैंक प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसान पर था पांच लाख का कर्ज
बगीचा सिंह के बेटे, गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके पिता पर पंजाब नेशनल बैंक का लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज था। 16 जुलाई को बैंक जाने के बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगे थे। उन्होंने परिवार को बताया कि बैंक अधिकारियों ने कर्ज न चुकाने पर जमीन कुर्क करने की चेतावनी दी थी। इसी तनाव के कारण उन्होंने सल्फास निगल लिया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
सुसाइड नोट में बैंक को ठहराया जिम्मेदार
परिजनों के अनुसार, बगीचा सिंह ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए बैंक प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। गुरप्रीत सिंह ने प्रशासन से अपील की है कि परिवार को आगे किसी प्रकार की परेशानी न दी जाए और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
किसान नेता गुरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि बाढ़ से फसल बर्बाद होने के कारण किसान पहले से ही आर्थिक संकट में थे। कर्ज का मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद बैंक द्वारा जमीन कुर्की की धमकियां दी जा रही थीं। किसान संगठन ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और जिम्मेदार बैंक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।