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पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक अभियान की शुरुआत

पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ एक निर्णायक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसमें 2000 पुलिस टीमें 60 विदेशी गैंगस्टरों के सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह 72 घंटे तक चलने वाला ऑपरेशन प्रहार है, जिसका उद्देश्य गैंगस्टरवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करना है। डीजीपी गौरव यादव ने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को चेतावनी दी है कि उन्हें जल्द ही कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जाएगा।
 

72 घंटे का ऑपरेशन प्रहार, 2000 पुलिस टीमें सक्रिय


पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ एक निर्णायक अभियान की शुरुआत की गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि राज्य को गैंगस्टर-मुक्त बनाने के लिए 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में 12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ 2000 टीमें 60 विदेशी गैंगस्टरों के सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह छापेमारी 72 घंटे तक चलने वाले ऑपरेशन प्रहार के तहत की जा रही है।


अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करना है लक्ष्य

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर एक सुव्यवस्थित रणनीति के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गैंगस्टरवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करना है, जिसमें उनकी वित्तीय व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स, छिपने के स्थान, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और संचार नेटवर्क शामिल हैं। उन्होंने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को चेतावनी दी कि वे खुद को सुरक्षित न समझें, क्योंकि उन्हें जल्द ही कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जाएगा।


विदेशों में बैठे गैंगस्टरों की पहचान

डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने 60 गैंगस्टरों की पहचान की है, जो विदेशों में रहकर अपने साथियों के माध्यम से पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) स्थापित किया गया है। यह सेल डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी की अगुवाई में काम करेगा और जल्द ही इन गैंगस्टरों को कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जाएगा।