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पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक की हत्या, सुरक्षा पर उठे सवाल

गुरदासपुर के माड़ी पन्नवां गांव में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक बिक्रमजीत सिंह की हत्या ने सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। इस घटना में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ा। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
 

गुरदासपुर में नशे के खिलाफ संघर्ष का परिणाम

गुरदासपुर, पंजाब में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। श्री हरगोबिंदपुर साहिब के माड़ी पन्नवां गांव में एक युवक की हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान बिक्रमजीत सिंह के रूप में हुई है, जबकि घायल व्यक्तियों में निशान सिंह और गुरमुख सिंह शामिल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है।


नशा बेचने वालों के खिलाफ उठी आवाज

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव की गलियों में नशा बेचने वालों की बढ़ती संख्या से वे परेशान थे। महिलाओं और लड़कियों को भी गलियों से गुजरने में कठिनाई हो रही थी। इसी मुद्दे पर गुरुवार को बिक्रमजीत सिंह और उसके साथियों ने नशा बेचने वालों को वहां से हटने के लिए कहा।


हमले का विवरण

आरोप है कि इस मांग के बाद विवाद बढ़ गया और हमलावरों ने बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर तेज धार हथियारों से हमला कर दिया। तीनों को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बिक्रमजीत सिंह की मृत्यु हो गई। अन्य दो घायलों का उपचार जारी है।


हमलावरों की संख्या पर सवाल

गांव के सरपंच सुरिंदरपाल सिंह बाजवा ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमलावरों की संख्या 15 से अधिक थी और वे तेज धार हथियारों से लैस थे। घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।


पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुखजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर चुकी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पंजाब में नशे के खिलाफ सुरक्षा का मुद्दा

मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद माड़ी पन्नवां की यह घटना एक बार फिर पंजाब में नशे के कारोबार और इसके विरोधियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही है। एक व्यक्ति की मौत और दो गंभीर घायलों की स्थिति ने ग्रामीणों में चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें हैं।