पंजाब में पेंशन भुगतान की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री की बैठक
वित्त मंत्री की समीक्षा बैठक
पेंशनर सेवा पोर्टल पर बैंकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में एक बैठक की, जिसमें उन्होंने पेंशनरों के लिए पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की समस्या न होने की बात दोहराई। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेंशन भुगतान से संबंधित सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करें, ताकि पेंशनरों को भविष्य में किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
यह बैठक पेंशनर सेवा पोर्टल से जुड़ी देरी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। वित्त मंत्री ने बैंकों को समयसीमा में हुई देरी, अधूरे कार्यों और प्रणाली की कमियों पर चर्चा करने के लिए बुलाया। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में पेंशन भुगतान बैंकों के प्रदर्शन और प्रगति से जुड़ा होगा।
अधूरे कार्यों की स्थिति
वित्त मंत्री ने बैंकों के अधिकारियों को बताया कि 24 दिसंबर 2025 को हुई प्रारंभिक बैठक के बाद से वह इस मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों ने पोर्टल से संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा का आश्वासन दिया था, लेकिन 2 फरवरी 2026 को हुई समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि बैंकों ने निर्धारित समयसीमाओं का पालन नहीं किया।
समयसीमा में विस्तार
बैंकों के अनुरोध पर समयसीमाओं को संशोधित किया गया। 26 फरवरी 2026 की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नवंबर 2025 के पेंशन दावों का भुगतान तभी किया जाएगा जब बैंक शेष पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र पूरे करें। वित्त मंत्री ने बताया कि सभी ई-स्क्राल बैंकों द्वारा अपलोड कर दिए गए हैं और राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक भुगतान जारी कर दिया है।
अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने और पेंशनर सेवा पोर्टल को बैंक सॉफ़्टवेयर से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है।
बैंकों के लिए निर्देश
पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और केनरा बैंक ने एकीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वित्त मंत्री ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए और पेंशनर सेवा पोर्टल में निर्धारित गणनाओं के अनुसार सही स्क्राल अपलोड करें, ताकि उन्हें शीघ्र स्वीकृति मिल सके।
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