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पंजाब में पेपर लीक पर राजनीतिक हलचल तेज, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

पंजाब में पेपर लीक का मामला राजनीतिक हलचल का कारण बन गया है। विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से इस्तीफे की मांग की है, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने इस मुद्दे पर अपनी योजना साझा की है। जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त होने के बाद सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

पंजाब में पेपर लीक का विवाद

पंजाब में पेपर लीक का मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से इस्तीफा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, तो पंजाब में भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इसी तरह की मांग की है।


सीजेपी की चुप्पी पर सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पंजाब के मुद्दे पर कहा कि वे इस पर योजना बना रहे हैं। हाल ही में पंजाब के मुद्दे पर सीजेपी नेताओं की चुप्पी को लेकर सवाल उठने लगे थे। लोगों का कहना था कि यदि नीट पेपर लीक में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जा सकता है, तो पंजाब के पेपर लीक पर सीजेपी ने चुप्पी क्यों साध रखी है?


अभिजीत का बयान

रविवार को अभिजीत दिपके ने कहा, 'हम इस पर भी बात करेंगे और कार्रवाई करेंगे। अभी हम इसकी योजना बना रहे हैं।' आगे की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम जल्द ही अपनी रणनीति साझा करेंगे। यह आंदोलन अभी हाल ही में समाप्त हुआ है, कृपया हमें थोड़ा समय दें।' उन्होंने यह भी बताया कि जो मामले दर्ज किए गए हैं, उन पर बातचीत चल रही है और किसी भी छात्र के खिलाफ कोई मामला नहीं होना चाहिए।


जंतर-मंतर पर सन्नाटा

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन समाप्त होते ही जंतर-मंतर पर सन्नाटा छा गया है। रविवार को प्रदर्शन स्थल पर सफाई अभियान चलाया गया। शनिवार दोपहर तक जंतर-मंतर और उसके आसपास का क्षेत्र लोगों से भरा हुआ था, जहां शोर-गुल और नारेबाजी हो रही थी। आंदोलन के आयोजक अभिजीत दिपके को टाइफाइड हो गया है और वे घर पर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अस्पताल में हैं, लेकिन उन्हें सोमवार तक छुट्टी मिलने की उम्मीद है।


सफाई अभियान

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने जंतर-मंतर और उसके आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में 100 से अधिक सफाई कर्मचारी, भारी वाहन और मशीनें शामिल थीं। पूरे क्षेत्र से लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। सड़कों को प्रेशर-जेट मशीनों से धोया गया और दीवारों पर लिखे नारे फिर से रंगे गए। टूटे फुटपाथ और सड़कों की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है।