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पंजाब में बारिश की कमी से बढ़ा तापमान, राहत की उम्मीद 19 जुलाई से

पंजाब में बारिश की कमी के कारण तापमान में वृद्धि हुई है, जिससे राज्य में सूखा और गर्मी बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग ने 19 जुलाई से बारिश की संभावनाओं की जानकारी दी है। जानें किस प्रकार की राहत की उम्मीद की जा रही है और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का हाल क्या है।
 

पंजाब में बारिश की कमी


भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में बारिश 23 प्रतिशत कम हुई है।


पंजाब, जो भारत का अन्न का कटोरा माना जाता है, इस समय सूखे और गर्मी से प्रभावित है। मानसून के बादल गायब हैं, और पश्चिमी हवाओं के साथ तेज धूप ने गर्मी को और बढ़ा दिया है।


राज्य में अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जिससे यह सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक हो गया है। बठिंडा में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।


गर्मी का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने आज, शुक्रवार को राज्य के आठ जिलों के लिए गर्मी और उमस का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा शामिल हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर सक्रिय लो-प्रेशर एरिया के कारण बारिश की संभावना कम है।


19 जुलाई से राहत की उम्मीद

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 18 जुलाई तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लेकिन 19 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।


20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।


बांधों का जलस्तर

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अनुसार, भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,582.78 फीट है, जो इसके 1,680 फीट के डेंजर लेवल से काफी नीचे है। पोंग बांध का जलस्तर 1,322.12 फीट है, जबकि इसका डेंजर लेवल 1,390 फीट है।


भाखड़ा बांध में 34,193 क्यूसेक पानी पहुंचा है, जबकि 26,549 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पोंग बांध में 10,384 क्यूसेक पानी की आवक हुई है और 18,041 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।


खरीफ फसलों के लिए बारिश आवश्यक

पंजाब में खरीफ सीजन के दौरान धान की रोपाई सबसे अधिक होती है। मानसून के दौरान होने वाली बारिश धान की सिंचाई का मुख्य स्रोत है।


हालांकि, अभी तक बारिश की कमी के कारण धान की फसल में बीमारियों और फुटाव में कमी की समस्या हो सकती है।