पंजाब में बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ा, खतरा बना हुआ है
पंजाब में बारिश का प्रभाव
साल 2025 में भी दोनों प्रमुख बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद पंजाब में आई थी चार दशक की सबसे भयानक बाढ़
चंडीगढ़: पंजाब में बारिश का दौर जारी है। हालांकि, अभी तक ऐसी स्थिति नहीं बनी है कि किसी जिले में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो। लेकिन, पंजाब की ओर एक नया खतरा बढ़ सकता है। यह खतरा भाखड़ा और पोंग बांधों से संबंधित है, जिनमें हिमाचल प्रदेश से बारिश का पानी लगातार आ रहा है।
इस कारण इन बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में, यह खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन पंजाब सरकार इस पर नजर बनाए हुए है। हिमाचल में हाल के दिनों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना है, जिससे पंजाब में खतरा बढ़ सकता है।
बांधों में जलस्तर की स्थिति
बारिश के चलते पंजाब के प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है। भाखड़ा बांध का जलस्तर 1588.36 फीट है, जबकि इसका खतरे का स्तर 1680 फीट है। इसका मतलब है कि जलस्तर अभी खतरे के निशान से लगभग 92 फीट नीचे है। बांध में 46,585 क्यूसेक पानी आ रहा है और 24,474 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पोंग बांध का जलस्तर 1325.78 फीट है, जबकि इसका खतरे का स्तर 1390 फीट है। यह भी खतरे के निशान से लगभग 64 फीट नीचे है। यहां 50,809 क्यूसेक पानी आ रहा है और 8,148 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों बांधों में पानी की आवक निकासी से अधिक होने के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन वर्तमान में किसी प्रकार के तत्काल खतरे की आशंका नहीं है।
पंजाब में बारिश का अलर्ट
पंजाब में मानसून का प्रभाव स्पष्ट है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है। चंडीगढ़ और पंजाब के 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।