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पंजाब में मौसम का हाल: बारिश के बाद तापमान में वृद्धि

पंजाब में मौसम में हालिया बदलाव के चलते तापमान में वृद्धि हो रही है, लेकिन यह सामान्य से कम बना हुआ है। आगामी दिनों में दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति किसानों के लिए हानिकारक हो सकती है। जानें और क्या कहता है मौसम विभाग।
 

जलवायु परिवर्तन की नई जानकारी


जल्द सक्रिय होंगे दो नए पश्चिमी विक्षोभ, मार्च के अंत तक मिलेगी गर्मी से राहत


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब में हाल के दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव के बाद अब धूप फिर से खिल गई है। शनिवार को तापमान में वृद्धि हुई, लेकिन नमी और ठंडी हवा के कारण यह सामान्य से कम बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग की चंडीगढ़ शाखा के अनुसार, दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं, हालांकि बारिश की संभावना कम है। इससे अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी, लेकिन यह इतनी अधिक नहीं होगी कि गर्मी असहनीय हो।


हल्की बारिश की संभावना

आज पंजाब के सात जिलों जैसे पठानकोट, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा, 23 मार्च को राज्य के कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, तरनतारन, मोगा, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर शामिल हैं।


मौसम की स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव आ रहा है। 26 मार्च से एक और हल्का पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। जबकि बारिश से गर्मी में राहत मिल रही है, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना किसानों के लिए हानिकारक हो सकता है। इस मौसम परिवर्तन के कारण बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना बढ़ जाती है, जो पकने की स्थिति में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।