पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैयारियां पूरी, 74% मतदाताओं की मैपिंग
मतदाता मैपिंग की प्रगति
विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले पूरे राज्य में 74 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी
मतदाताओं को मैप करने और विवरण लिंक करने के लिए 2003 की मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध
चंडीगढ़: पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने आज जानकारी दी कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर अभ्यास के लिए कार्यक्रम अधिसूचना जारी होने से पहले सभी प्रारंभिक गतिविधियां व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से की जा रही हैं।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के सभी जिलों में एक व्यापक प्री-एसआईआर मैपिंग अभियान चलाया गया है। 4 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 74.27 प्रतिशत मतदाताओं की विशेष गहन पुनरीक्षण रिकॉर्ड्स के साथ मैपिंग की गई है। कुल 2,14,57,521 मतदाताओं में से 1,59,36,941 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है।
प्री-एसआईआर अभ्यास को समय पर और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा प्रगति की दैनिक निगरानी की जा रही है, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाया है।
जिलों में मैपिंग की स्थिति
जिला-वार विवरण देते हुए मित्रा ने कहा कि तरनतारन (88.64 प्रतिशत), मोगा (86.91 प्रतिशत), श्री मुक्तसर साहिब (85.47 प्रतिशत) और मानसा (84.20 प्रतिशत) जैसे जिलों में सबसे अधिक मैपिंग प्रतिशत दर्ज किया गया है। लुधियाना (64.14 प्रतिशत), अमृतसर (75.60 प्रतिशत), जालंधर (68.05 प्रतिशत) और पटियाला (69.33 प्रतिशत) जैसे प्रमुख जिलों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मतदाता विवरण खोजने की प्रक्रिया
मतदाता 2003 की मतदाता सूची में अपना वोट कैसे खोज सकते हैं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता 2003 की मतदाता सूचियों का उपयोग करके अपने विवरण खोज सकते हैं। मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 2003 की मतदाता सूची तक पहुंच सकते हैं।
उन्होंने नागरिकों को प्रोत्साहित किया कि वे 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजें। यदि उनका नाम नहीं मिलता है, तो वे अपने परिवार के सदस्यों के विवरण से मिलान करके अपने विवरण लिंक कर सकते हैं।
घर-घर जाकर गणना
एसआईआर के दौरान घर-घर जाकर गणना
उन्होंने बताया कि एसआईआर अभ्यास के दौरान बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) पूरे राज्य में घर-घर जाकर गणना करेंगे। गणना फॉर्म दो प्रक्रियाओं में वितरित किए जाएंगे और सहायक दस्तावेजों के साथ एकत्र किए जाएंगे, ताकि पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया जा सके। प्रत्येक मतदाता, जिसका नाम 2025 की मतदाता सूची में शामिल है, के लिए इन गणना फॉर्मों को भरना अनिवार्य है।
राजनीतिक दलों की भागीदारी
राजनीतिक दलों की भागीदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा बूथ स्तर एजेंटों (बीएलए) की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में 8000 से अधिक बीएलए नियुक्त किए गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं में हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
मतदाता सहायता और हेल्पलाइन
हेल्पलाइन और नागरिक सहायता
मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य/जिला संपर्क केंद्र पर टोल-फ्री नंबर 1950 स्थापित किया गया है। यह हेल्पलाइन नंबर कार्यदिवसों में सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सक्रिय रहेगा। नागरिक इस नंबर के माध्यम से अपनी शिकायतें भी दर्ज कर सकते हैं।
इसके अलावा, मतदाता ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर "बुक ए कॉल विद बीएलओ" सुविधा का उपयोग करके वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मतदाता सूचियों की सटीकता
सही मतदाता सूचियों के प्रति प्रतिबद्धता
निर्वाचन आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मित्रा ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य सही, समावेशी और अद्यतन मतदाता सूचियों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शेड्यूल नोटिफाइड होते ही पंजाब एसआईआर अभ्यास के सुचारू कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है।
मतदाताओं की जिम्मेदारी
मतदाताओं की जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपने बूथ स्तर अधिकारियों के साथ सहयोग करें, ताकि घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके मत 2003 की मतदाता सूची के साथ मैप किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकरण होना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत एक अपराध है।