पंजाब सरकार का पर्यावरण संरक्षण में अभूतपूर्व योगदान
पंजाब में ग्रीन जोन का निर्माण
पंजाब सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। इन प्रयासों के चलते पंजाब ग्रीन जोन के रूप में उभरा है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, सरकार के मार्गदर्शन में, समर्पित रूप से कार्य कर रहा है। अब तक, पंजाब के वन विभाग ने 12,55,700 से अधिक पौधे लगाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह संख्या केवल पौधों की नहीं है, बल्कि यह शुद्ध वायु, ठंडी छाया और एक स्वस्थ पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
पराली जलाने की समस्या का समाधान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक करने, आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराने और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर एक व्यापक योजना बनाई है। इसका सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। समराला क्षेत्र के घुलल और बाम्ब गांव इस बदलाव के उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरे हैं, जहां किसानों ने पराली जलाए बिना खेती को अपनाया है। यह सफलता पंजाब सरकार के कृषि विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायतों और सीआईआई फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
किसानों के लिए सहायक योजनाएं
पंजाब सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए कम किराए पर मशीनरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, ताकि हर किसान इस योजना का लाभ उठा सके। इसके अलावा, गांव-गांव जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, रैलियां और स्कूल कार्यक्रमों के माध्यम से पराली न जलाने का संदेश फैलाया गया है। सरकार ने उद्योगों को पराली-आधारित बॉयलर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई कैपिटल सब्सिडी योजना लागू की है। यह सब्सिडी उद्योगों को तेल, कोयला, या अन्य बायोमास पर निर्भरता कम करने और पराली जैसे नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने में मदद करेगी।