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पंजाब सरकार का सख्त कदम: गैंगस्टरों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार

पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों और नशा माफिया के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया है, जिसका नाम 'ऑपरेशन प्रहार' है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। इस अभियान के तहत 12,000 पुलिसकर्मी सक्रिय हैं और नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। जानें इस महा-ऑपरेशन के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के बारे में।
 

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराध, गैंगस्टरवाद और नशा माफिया के लिए कोई स्थान नहीं है। गैंगस्टरों के खिलाफ चलाया जा रहा ऑपरेशन प्रहार केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है जिसने पिछले चार वर्षों में पंजाब की कानून-व्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का संदेश स्पष्ट है कि पंजाब की कोई भी पीढ़ी नशे या गैंगस्टरवाद का शिकार नहीं होगी। यही कारण है कि आज अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास देखने को मिल रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुप्त सूचना देकर इस लड़ाई में सहयोग करें।
ऑपरेशन प्रहार के तहत विदेशी और स्थानीय गैंगस्टरों के पहचाने गए ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य उन गैंगस्टरों के स्थानीय नेटवर्क और सहयोगियों को समाप्त करना है जो विदेश से पंजाब में अपराध संचालित कर रहे हैं। इस महा-ऑपरेशन में पंजाब पुलिस के लगभग 12,000 जवान और 2000 से अधिक टीमें सक्रिय हैं। यह मुहिम मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब को अपराध मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, ‘गैंगस्टरां ते वार’ पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मुहिम है, जिसकी शुरुआत डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा 20 जनवरी, 2026 को की गई थी।