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पंजाब सरकार की नई फिल्म नीति से फिल्म उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

पंजाब सरकार ने 'पंजाब फिल्म प्रमोशन नीति 2026' लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को 25% पूंजीगत सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकार हर फिल्मकार का स्वागत करती है और उन्हें सभी प्रकार की सहायता प्रदान करेगी। इस नीति से पंजाब का ओटीटी उद्योग भी तेजी से विकसित होने की उम्मीद है।
 

पंजाब को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम

* पंजाब को फिल्म क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य: अमित ढाका


* पंजाबी मीडिया का विस्तार और सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण: रामवीर


चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने "पंजाब फिल्म प्रमोशन नीति 2026" लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह नीति निवेश को आकर्षित करने के लिए लाभकारी और लचीली बनाई गई है। यह जानकारी मोहाली में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के दौरान मीडिया और मनोरंजन सत्र में साझा की गई।


पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा, "हम हर फिल्म निर्माता और निवेशक का स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में सरकार आपके साथ है।" उन्होंने कहा कि अब बिचौलियों का दौर खत्म हो चुका है और फिल्मकारों को शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली के तहत सभी प्रकार की सरकारी सहायता मिलेगी।


पन्नू ने बताया कि पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का "ड्रीम प्रोजेक्ट" है और इसे साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की "पंजाबियत" की आत्मा कभी खत्म नहीं हो सकती।


उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म शूटिंग के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई सुधार कर रही है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब एक प्रोडक्शन यूनिट को समस्या का सामना करना पड़ा, तो संबंधित अधिकारी को एक फोन करने पर समस्या तुरंत हल हो गई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि "पंजाब की धरती पर कदम रखने वाला हर कलाकार हमारे परिवार का हिस्सा है।"


पन्नू ने बताया कि फिल्म शूटिंग के लिए निर्बाध अनुमति सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने पंजाब के बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में दो अंतरराष्ट्रीय और चार घरेलू हवाई अड्डे हैं, जिससे दुनिया भर में बसे पंजाबी आसानी से यहां आ सकते हैं।


उन्होंने कहा कि अब एनआरआई भी प्री-वेडिंग फोटोशूट, मेडिकल टूरिज्म और व्यवसाय के लिए पंजाब को प्राथमिकता दे रहे हैं।


ओटीटी प्लेटफार्मों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए पन्नू ने मीडिया को समय के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा, "पंजाब सकारात्मकता से भरा हुआ है। यदि आप सकारात्मक लोग तलाशेंगे तो वे आपको पंजाब में ही मिलेंगे।"


इनवेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने बताया कि राज्य सरकार पंजाब में बनने वाली फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज़ के निर्माण खर्च पर 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करती है, जो प्रति फिल्म या वेब सीरीज़ अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक है।


उन्होंने यह भी बताया कि पंजाबी भाषा की फिल्मों के लिए निर्माण लागत का 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जो प्रति फिल्म अधिकतम 3.5 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा नीति में फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, वीएफएक्स स्टूडियो और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए 20 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।


सरकार एक सिंगल-विंडो ऑनलाइन अनुमति प्रणाली और विभिन्न पहल के माध्यम से फिल्मकारों और निवेशकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखती है। इससे राज्य के मीडिया और मनोरंजन उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगभग 40 प्रतिशत सामग्री पंजाबी भाषा में उपलब्ध है।


नई पंजाब फिल्म प्रमोशन नीति 2026 के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक संभावनाओं को आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए ढाका ने कहा कि पंजाबी सिनेमा भारत के सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में से एक बन चुका है।


उन्होंने बताया कि पंजाबी संगीत उद्योग, जिसमें 400 से अधिक संगीत लेबल सक्रिय हैं, वैश्विक स्तर पर बड़ा बाजार हिस्सा रखता है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल और ओटीटी प्लेटफार्मों पर लगभग 40 प्रतिशत पंजाबी कंटेंट है, जो राज्य की रचनात्मक ताकत का प्रमाण है।


उन्होंने कहा, "राज्य की भूमिका सुविधा प्रदान करने की है, न कि बाधाएं खड़ी करने की।" उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों से पंजाब के शूटिंग स्थलों की डिजिटल कैटलॉग तैयार करने में सरकार को सहयोग देने की अपील भी की।


इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव रामवीर ने कहा कि पंजाबी समाज की आत्मा हमेशा उसके मीडिया के माध्यम से व्यक्त होती रही है। उन्होंने राज्य की प्रेस और फिल्म उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।


उन्होंने कहा, "पंजाब की 'चढ़दी कला' की भावना ही भारतीय सिनेमा और अन्य कलाओं में पंजाबी भाषा की मजबूत उपस्थिति का आधार बनी है।"


इस अवसर पर स्पीड रिकॉर्ड्स के सीईओ दिनेश औलख, ओटीटी चौपाल के एमडी संदीप बंसल तथा पंजाब फिल्म सिटी के एमडी इकबाल चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा फिल्म प्रमोशन नीति लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया।


उन्होंने कहा कि यह नीति एक गतिशील और आत्मनिर्भर वातावरण तैयार करेगी—ऐसा केंद्र जहाँ केवल स्टूडियो ही नहीं बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे पंजाब भविष्य में फिल्म निर्माण और रचनात्मक उद्योग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।


संदीप बंसल ने कहा कि आने वाले 4–5 वर्षों में पंजाब का ओटीटी उद्योग 2000 करोड़ रुपये से अधिक का बाजार बन सकता है, जो राज्य के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए नई संभावनाएँ पैदा करेगा।