पंजाब सरकार की विफलता: मौड़ मंडी बम धमाके के आरोपी अब भी फरार
पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल
बलास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पंजाब सरकार की विफलता, सरकार ने जांच ठंडे बस्ते में डाली
सरकार स्पष्ट करे- इतने संवेदनशील मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और आरोपी गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
पंजाब के 25 साल के इतिहास में ऐसा कोई भयावह बलास्ट नहीं हुआ, जिसमें एक साथ इतने लोगों की मौत हुई हो
चंडीगढ़: पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बठिंडा के मौड़ मंडी में हुए बम धमाके के जख्म आज भी ताजा हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने में विफलता दिखाई है।
मुख्य आरोपी, गुरतेज सिंह, अवतार सिंह और अमरीक सिंह, अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। सरकार यह भी नहीं जान पाई कि इस धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री कहां से आई थी। पंजाब के इतिहास में ऐसा कोई अन्य मामला नहीं है जिसमें इतनी संख्या में लोगों की जान गई हो। इसकी गंभीरता से जांच नहीं की गई है, और सरकारी एजेंसियां इस मामले में असफल रही हैं।
रंधावा ने सीएम मान और स्पीकर संधवां से सवाल किया कि क्या पीड़ित परिवारों को कभी न्याय मिलेगा? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस संवेदनशील मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और आरोपी क्यों फरार हैं। 2020 में पहली बार एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख के समधी हरमंदिर सिंह जस्सी को जांच में शामिल किया था, लेकिन उसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई।
रंधावा ने कहा कि 31 जनवरी 2017 को हुए इस बम धमाके के नौ साल बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले मान और संधवां ने आरोपियों को सजा दिलाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि मौड़ बलास्ट में ढिलमुल रवैया पंजाब की कानून व्यवस्था और जांच तंत्र की गंभीर नाकामी को दर्शाता है। इस विस्फोट में पांच बच्चों समेत सात लोगों की जान गई थी, और दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
धमाके में जिन लोगों की जान गई, उनमें जपसिमरण सिंह (14), रिपनदीप सिंह (11), सौरभ सिंगला (13), अंकुश इंसा, अशोक, बरखा और हरपाल पाली शामिल थे। यह घटना पूरे पंजाब को झकझोर देने वाली थी, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार राजनीतिक बयानबाजी से आगे नहीं बढ़ पाई है।
रंधावा ने कहा कि आतंक और हिंसा से जुड़े मामलों में देरी से न्याय मिलना लोगों के विश्वास को कमजोर करता है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार इस मामले की जांच को तेज करे और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाया जाए। पंजाब में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।