पटना एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल: जेडीयू विधायक चेतन आनंद का विवाद
जेडीयू विधायक चेतन आनंद का विवाद
JDU विधायक चेतन आनंद विवाद: जेडीयू के विधायक चेतन आनंद और उनके गार्ड के बीच हुई मारपीट के कारण पटना एम्स के डॉक्टरों ने हड़ताल का निर्णय लिया। डॉक्टरों ने बुधवार रात को शिवहर विधायक चेतन आनंद और उनकी पत्नी द्वारा एक चिकित्सक के साथ की गई हिंसा को लेकर नाराजगी जताई और माफी की मांग की। डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में मार्च करते हुए 'तुम माफी मांगो' और 'हमें न्याय चाहिए' के नारे लगाए। आइए जानते हैं शिवहर विधायक चेतन आनंद के बारे में।
विधायक चेतन आनंद पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत जीतनराम मांझी की पार्टी 'हम' से की, जहां मांझी ने उन्हें छात्र शाखा का अध्यक्ष बनाया। 2020 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने आरजेडी के टिकट पर शिवहर से चुनाव लड़ा और विधायक बने। चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन को गोपालगंज के जिला मजिस्ट्रेट जी. कृष्णैया की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा मिली थी।
आनंद मोहन सिंह स्वतंत्रता सेनानी राम बहादुर सिंह के पोते हैं। उन्होंने जेपी की संपूर्ण क्रांति के दौरान राजनीति में कदम रखा और 1974 में कॉलेज छोड़ दिया।
पूरा विवाद क्या है?
डॉक्टरों ने बताया कि शिवहर विधायक चेतन आनंद, उनकी पत्नी डॉ. आयुषी सिंह और उनके सशस्त्र गार्ड जबरन अस्पताल में घुसे और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की। उन्होंने डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी दी और अस्पताल में बंदूक लहराई। अस्पताल के गार्ड को हथियार के बट से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
विधायक चेतन आनंद ने घटना के बाद पटना के फुलवारी शरीफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ किसी मरीज को देखने के लिए पटना एम्स पहुंचे थे, जहां उनके साथ मारपीट की गई।