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पटना में टीआरई-4 कैंडिडेट्स पर पुलिस का लाठीचार्ज: प्रदर्शन में उभरीं मांगें

पटना में टीआरई-4 कैंडिडेट्स ने वैकेंसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद कैंडिडेट्स ने सड़कों पर नारेबाजी की और अपनी मांगें रखीं। लोजपा के चिराग पासवान ने इस लाठीचार्ज की निंदा की है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और कैंडिडेट्स की अपेक्षाएं।
 

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई


टीआरई-4 कैंडिडेट्स ने वैकेंसी की मांग को लेकर पटना में मार्च निकाला, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद सड़कों पर कैंडिडेट्स की चप्पलें बिखरी हुई थीं। एक कैंडिडेट के कपड़े खून से सने हुए थे। लाठीचार्ज के बाद, कैंडिडेट्स ने अपने कपड़े उतारकर सड़कों पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। महिला कैंडिडेट को पुलिस ने पैरों से कुचला। कैंडिडेट्स ने कहा कि वे भविष्य के शिक्षक हैं और उन्हें गुंडा समझकर पीटा जा रहा है।


प्रदर्शन का विवरण

कैंडिडेट्स ने सुबह 10 बजे पटना कॉलेज से बीपीएससी कार्यालय तक मार्च निकालने का निर्णय लिया था। पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस प्रदर्शन में लगभग 5,000 कैंडिडेट्स शामिल हुए। बारिश के बावजूद, अभ्यर्थी सड़क पर डटे रहे और सरकार से टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग की।


चिराग पासवान का विरोध

लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी मांगें रखने का अधिकार है। शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग करना संवेदनशीलता के खिलाफ है।


सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा

सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करें और जल्द से जल्द टीआरई-4 की अधिसूचना जारी करें। साथ ही, अभ्यर्थियों से भी आग्रह किया गया है कि हाल ही में सरकार के नए मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है, इसलिए उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए। सरकार सकारात्मक पहल करने के लिए प्रतिबद्ध है।