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पटना में शिक्षा के नाम पर खूनी संघर्ष: खान सर और रौशन आनंद के बीच जंग

पटना के मुसल्लहपुर हाट में खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रही शिक्षा के नाम पर खूनी जंग ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। यह विवाद न केवल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि थानों और अदालतों तक भी पहुंच चुका है। दोनों शिक्षकों के बीच छात्रों की सफलता का श्रेय लेने की होड़ और हिंसक टकराव ने इस मामले को और भी जटिल बना दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की असली वजहें।
 

पटना में शिक्षा का अखाड़ा


बिहार: पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित कोचिंग हब अब शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि दो प्रमुख शिक्षकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का मैदान बन गया है। सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स रखने वाले फैजल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, और 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के रौशन आनंद के बीच यह विवाद अब थानों और अदालतों तक पहुंच चुका है।


रौशन आनंद की गिरफ्तारी

2 जून की रात को खान सर के कोचिंग सेंटर 'खान ग्लोबल स्टडीज' के बाहर हुए पथराव और हवाई फायरिंग ने इस विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर दिया है। वर्तमान में रौशन आनंद जेल में हैं, जबकि खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तलवार लटक रही है। पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई होने वाली है।


टॉपर विवाद और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा

इस दुश्मनी की जड़ बिहार पुलिस और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर परीक्षा के परिणामों के बाद सफल छात्रों का श्रेय लेने की होड़ में है। खान सर के संस्थान ने 12,000 छात्रों की सफलता का दावा किया, जबकि ज्ञान बिंदु ने 10,000 छात्रों का आंकड़ा प्रस्तुत किया। विवाद तब और बढ़ गया जब एफआरओ परीक्षा के टॉपर अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक पटेल को दोनों संस्थानों ने अपना छात्र बताया।


व्हाट्सएप चैट का खुलासा

28 मार्च को जब खान सर ने अभिषेक को सम्मानित किया, तब रौशन आनंद ने व्हाट्सएप चैट लीक करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने टॉपर को 10 लाख रुपये में खरीदा है। इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच पोस्टर फाड़ने और हिंसक टकराव की शुरुआत हुई।


कैंपस पर कब्जे की लड़ाई

मुसल्लहपुर का 'किसान कोल्ड स्टोरेज' कैंपस इस संघर्ष का मुख्य केंद्र बन गया है। कोरोना महामारी के बाद खान सर ने कई बंद कोचिंग हॉलों को भारी किराए पर लेकर अपने नियंत्रण में ले लिया। ज्ञान बिंदु के शिक्षकों का आरोप है कि खान सर मकान मालिकों के साथ मिलकर पूरे कैंपस पर एकाधिकार स्थापित करना चाहते हैं।


रौशन आनंद के आरोप

इस क्षेत्र के छात्र हॉस्टल भी इस संघर्ष का हिस्सा बन गए हैं। रौशन आनंद का आरोप है कि खान सर 'पटेल हॉस्टल' के छात्रों का इस्तेमाल उन पर हमले के लिए करते हैं। वहीं, खान सर का कहना है कि मार्च 2021 में रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस ने उनके क्लासरूम में तोड़फोड़ की थी।


बयानों की जंग

यह लड़ाई केवल मैदान पर नहीं, बल्कि बयानों में भी चल रही है। रौशन आनंद अक्सर खान सर को 'रील टीचर' कहकर संबोधित करते हैं और आरोप लगाते हैं कि उनकी लोकप्रियता केवल पीआर का परिणाम है। खान सर ने रौशन आनंद के संस्थान को 'दरोगा फैक्ट्री' का नाम देते हुए अपने छात्रों को चेताया कि वहां जाने से वे मजदूर बन जाएंगे।


2 जून की रात का घटनाक्रम

ताजा विवाद 2 जून की रात को कैंपस में पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ। 15-20 युवकों ने खान सर के दफ्तर पर पथराव किया। खान सर ने शुरुआत में विपक्ष पर 8-10 राउंड फायरिंग का आरोप लगाया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में उनके अपने दो निजी गार्ड हवा में गोलियां चलाते हुए दिखाई दिए।


गिरफ्तारी और कार्रवाई

पुलिस ने दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर हथियार जब्त कर लिए हैं और एफआईआर में खान सर का नाम भी शामिल किया गया है, क्योंकि आरोप है कि फायरिंग उनके इशारे पर हुई थी। इसके साथ ही बिना फायर एनओसी के चल रहे खान सर के कोचिंग और अस्पताल पर भी सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है।