पठानकोट में जासूसी का मामला: आरोपी गिरफ्तार, सुरक्षा में सेंध
पठानकोट की संवेदनशीलता और जासूसी का नया तरीका
पठानकोट, जो कि सैन्य रणनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख एयरबेस है। यह क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा के निकट स्थित है और हमेशा से दुश्मनों की नजर में रहा है। हाल ही में, एक व्यक्ति ने एक दुकान पर कैमरा स्थापित कर उसकी लाइव फीड पाकिस्तान को भेजना शुरू कर दिया। इस प्रकार, पाकिस्तान ने पठानकोट में होने वाली सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान बलजीत सिंह के रूप में हुई है, जो चक्क धारीवाल गांव का निवासी है। उसने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगाया था और पुलिस के अनुसार, वह पाकिस्तान को लाइव फीड भेज रहा था, जिसका उद्देश्य सेना की गतिविधियों पर नजर रखना था।
40 हजार रुपये में सुरक्षा से खिलवाड़
पुलिस ने आरोपी के पास से सीसीटीवी कैमरा भी बरामद किया है। उसे दुबई से एक व्यक्ति द्वारा निर्देशित किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने जनवरी में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कैमरा स्थापित किया था, जो इंटरनेट से जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को इसके लिए 40 हजार रुपये का भुगतान किया गया था।
दिल्ली से पंजाब तक जासूसी का नेटवर्क
हाल ही में गाजियाबाद और फरीदाबाद में एक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया था। इस गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, जिनका नियंत्रण पाकिस्तान में था। पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पंक्चर की दुकान के माध्यम से इस गिरोह का संचालन कर रहे थे। पंजाब में भी दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। पहले मॉड्यूल का भंडाफोड़ जालंधर में हुआ, जबकि दूसरा कपूरथला जिले में पकड़ा गया।
जालंधर और कपूरथला में जासूसी उपकरणों की बरामदगी
जालंधर में पकड़े गए व्यक्ति के पास 4जी कनेक्टिविटी वाली यूएसबी-कनेक्टेड सोलर प्लेट और चीन में निर्मित सीसीटीवी कैमरा मिला। कपूरथला में वाईफाई सेट, सिम वाला कैमरा और चार मोबाइल फोन बरामद हुए, जो विदेश में बैठे आकाओं से जुड़े थे। पंजाब पुलिस के अनुसार, ये गिरोह सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने में लगे थे, ताकि सेना से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।