पप्पू यादव का संसद में छात्रों के समर्थन में अनोखा प्रदर्शन
संसद में पप्पू यादव का अनोखा अंदाज
28 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के दौरान, बिहार के पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने एक अलग ही अंदाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जब वह संसद भवन पहुंचे, तो उनके माथे पर प्लास्टर और हाथ में लाठी थी। उन्होंने सिर पर 'जस्टिस' लिखी पट्टी बांधकर छात्रों के समर्थन में प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बरता से लाठियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पाग पहनाकर उनका स्वागत किए जाने पर सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्या अब मिथिला का पाग चोर को पहनाया जाएगा?
लाठियों से पीटने की चिंता
पप्पू यादव ने कहा कि लोगों को लाठियों से पीटा जा रहा है, और यह वही तरीका है जो कश्मीर में अपनाया जाता था। उन्होंने इसे चिंताजनक स्थिति बताया और सरकार से इस पर जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया कि छात्रों की आवाज उठाने वालों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल
सांसद पप्पू यादव ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन पर पेपर लीक जैसे गंभीर आरोप हैं, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि क्या किसी भ्रष्ट व्यक्ति को इतनी सम्मानित पगड़ी पहनाई जाएगी? दरअसल, धर्मेंद्र प्रधान ने 27 जुलाई 2026 को संसद में पहली बार प्रवेश किया, जहां बीजेपी के सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान दरभंगा से सांसद गोपाल जी ठाकुर ने उन्हें मिथिला का पारंपरिक पाग और शॉल पहनाकर सम्मानित किया।
गोलीकांड पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि पहली बार किसी आंदोलन में AK-47 से गोली चलाई गई, जो निर्दोष युवाओं को निशाना बनाकर चलाई गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि रिहाई का आदेश देने के बावजूद, गोली चलाने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है।
छात्रों पर बल प्रयोग का जिक्र
हाल के दिनों में संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस चल रही है। NEET पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष भी इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लगातार लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।