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पप्पू यादव का संसद में प्रदर्शन बना विवाद का कारण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव का संसद परिसर में किया गया प्रदर्शन अब विवाद का कारण बन गया है। राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के खिलाफ उनके नुक्कड़ नाटक में भगवान राम की तस्वीर के अपमान का आरोप लगा है। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद लोकसभा सचिवालय ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और पप्पू यादव की स्थिति क्या है।
 

संसद परिसर में पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन

नई दिल्ली: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, का संसद परिसर में किया गया प्रदर्शन अब उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। राम मंदिर के निर्माण के चंदे में कथित गबन के खिलाफ उन्होंने जो 'नुक्कड़ नाटक' किया, उसने एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद उत्पन्न कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान के आरोप में पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा सचिवालय भी सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।


धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर आरोप

सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन में भगवान रामलला की तस्वीर को पैरों के नीचे रखा गया, जिससे देशभर के सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके अलावा, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पप्पू यादव को इस विवादित प्रदर्शन में राहुल गांधी, डिंपल यादव और अन्य 'इंडी' गठबंधन के सांसदों का समर्थन प्राप्त था।


संसद में 'चंदा चोर' का अनोखा नुक्कड़ नाटक

शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर संसद परिसर में एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पप्पू यादव मंदिर के पुजारी की वेशभूषा में नजर आए, उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी। अन्य विपक्षी सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका में थे, जो दान पात्र में पैसे डालते दिखे। पप्पू यादव ने प्रतीकात्मक रूप से चंदे के पैसे अपनी जेब में रखते हुए नजर आए। इस दौरान 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' और 'अमित शाह, सदन में आओ' जैसे नारे भी लगाए गए। अंत में, एक श्रद्धालु बने सपा सांसद ने इस 'गबन' पर आपत्ति जताकर नाटक का समापन किया।


स्पीकर ओम बिरला का कड़ा रुख

लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर में इस तरह के प्रदर्शन को लेकर लोकसभा सचिवालय ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में संसद परिसर में ऐसे किसी भी नाटकीय प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए संसद के मौजूदा दिशा-निर्देशों को और सख्ती से लागू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि सदन और परिसर की गरिमा बनी रहे।