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पलवल-नूंह रेल कॉरिडोर: नई डबल रेललाइन से बढ़ेगा व्यापार और यातायात

हरियाणा के पलवल और नूंह के लिए एक नई डबल रेललाइन का निर्माण किया जा रहा है, जो व्यापार और यातायात में सुधार लाएगा। इस परियोजना के तहत 5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एनसीआर में ट्रैफिक जाम खत्म होगा। जानें इस मेगा प्रोजेक्ट के बारे में और इसके संभावित लाभों के बारे में।
 

पलवल और नूंह के लिए ऐतिहासिक रेल प्रोजेक्ट

पलवल . हरियाणा के पलवल और नूंह के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना के तहत, पलवल के पृथला से नूंह के धुलावट तक एक नई डबल रेललाइन को स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना में अरावली पहाड़ियों के बीच 5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। यह मेगा प्रोजेक्ट एनसीआर में ट्रैफिक जाम को समाप्त करने और व्यापार को नई गति देने में सहायक होगा।


प्रोजेक्ट की प्रगति और महत्व

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2022 में इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखी थी। वर्तमान में, इस परियोजना का लगभग 30 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है। इसके कार्यान्वयन से दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई (लॉजिस्टिक) की प्रक्रिया अधिक सरल और किफायती हो जाएगी।


अरावली पहाड़ियों के बीच सुरंग का निर्माण

5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण

नूंह जिले में अरावली पहाड़ियों के बीच ट्रेन के मार्ग के लिए 5 किलोमीटर लंबी डबल सुरंग का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह सुरंग भारतीय सिविल इंजीनियरिंग का एक अद्वितीय उदाहरण है। पलवल से सोनीपत तक फैले 126 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए 67 गांवों की 665 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है।


नए जंक्शन और रेलवे ओवरब्रिज

इस रूट पर पृथला स्टेशन को एक प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो सीधे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और भारतीय रेलवे के मुख्य नेटवर्क को जोड़ता है। नई रेल लाइन बिछाने के लिए रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जा रहे हैं।


यातायात में सुधार और रोजगार के अवसर

सस्ती माल ढुलाई और ट्रैफिक जाम का समाधान

नई रेललाइन के शुरू होने से पलवल और नूंह के बीच दैनिक यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। भारी कमर्शियल ट्रकों का दबाव कम होने से आम जनता को ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। नए और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में भूमि की कीमतें बढ़ेंगी।

बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के कारण नूंह और पलवल में नए उद्योग स्थापित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एचओआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैक बिछाने के साथ-साथ जल निकासी के लिए पुल और रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार ने अगले साल के अंत तक इस पूरे प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा है।