पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की
असम पुलिस की छापेमारी के बाद की गई याचिका
कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने असम में उनके खिलाफ चल रहे मामले में अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। यह याचिका 7 अप्रैल को दायर की गई थी।
खेड़ा ने अपनी याचिका में गुवाहाटी अपराध शाखा के डीसीपी और तेलंगाना सरकार को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने 5 अप्रैल को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद, असम पुलिस ने उनके दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा, जबकि वह हैदराबाद में थे।
पुलिस की कार्रवाई पर पवन का बयान
पवन खेड़ा ने छापेमारी के दौरान एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि असम पुलिस के 100 से अधिक पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए। पुलिस ने उनकी बहन की फोटो, लैपटॉप और आईपैड भी जब्त कर लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा उन्हें डराने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सीएम की पत्नी पर गंभीर आरोप
खेड़ा ने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं, जिनमें मिस्र, एंटीगुआ-बरबूडा और यूएई शामिल हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन पासपोर्टों को दिखाया और कहा कि सरमा की राजनीति मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत पर आधारित है, जबकि उनकी पत्नी के पास दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि हिमंता की पत्नी एक अमेरिकी कंपनी की मालिक हैं, जिसका मूल्य 52 हजार करोड़ रुपये है।